क्या कहते हैं उद्यमी
बागपत औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्तिक पॉलीमर्स के संचालक दीपक कुमार का कहना है कि एक तो मजदूरों का अभाव, दूसरा दिल्ली में प्रवेश बंद होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है। न तो कच्चा माल मिल रहा है और न ही बाजार में डिमांड है, वह स्वयं मशीन ऑपरेट कर पुराने कच्चे माल से नया माल तैयार कर रहे हैं। एक मशीन खराब हो गई है, रिपेयरिंग का सामान न मिलने के कारण मशीन बंद पड़ी है।
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दुर्गा इंटरप्राइजेज के संचालक मोहम्मद यूसुफ का कहना है कि लॉकडाउन ने फैक्टरी संचालकों की कमर तोड़ दी है। प्रशिक्षित मजदूरों के अभाव में फैक्टरी का संचालक खुद काम करने को मजबूर हैं। दस फीसदी मजदूरों के सहारे फैक्टरी चलाई जा रही है। जो फैक्टरी बंद पड़ी है, उनके मजदूरों को बुलाकर लेकर कार्य कराया जा रहा है। फैक्टरी बंद होने के बावजूद बिजली और चौकीदार का खर्चे ने कर्जदार कर दिया है।
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