क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय ने कोरोना काल के पिछले सात महीने (15 जून, 20 से 15 जनवरी, 21) में मेरठ मंडल के 4,904 युवाओं को रोजगार दिया है। कार्यालय में करीब एक लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं। रोजगार दिलाने के लिए विभाग अब तक वर्चुअल रोजगार मेलों का आयोजन कर रहा था। कोरोना काल के दौरान आयोजित 23 ऑनलाइन रोजगार मेलों के जरिए दी गई नौकरियों में मेरठ के सर्वाधिक 1,832 युवाओं को रोजगार मिला है। इसके बाद गाजियाबाद का नंबर है।
चयन के बाद नौकरी नहीं करते आधे अभ्यर्थी
जहां बेरोजगारी बढ़ी है वहीं ये भी सच्चाई है कि रोजगार मिलने के बाद करीब आधे अभ्यर्थी नौकरी पर नहीं जा रहे हैं। इसके पीछे कम सैलरी, गृह जनपद और गृह राज्य से बाहर नौकरी पर नहीं जाने की सोच काम कर रही है।
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15 हजार सैलरी का सबसे बड़ा पैकेज
ज्यादातर नौकरी अभ्यर्थियो की कार्यकुशलता, डिप्लोमा और डिग्री के साथ अनुभव के आधार पर तय होती है। यहां से अब तक 15 हजार के पैकेज पर एक-दो अभ्यर्थियों का चयन टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी के लिए हुआ है।
जनपद चयनित अभ्यर्थी
मेरठ 1,832
बागपत 416
हापुड़ 700
बुलंदशहर 774
गाजियाबाद 805
गौतमबुद्धनगर 377
ऑफलाइन रोजगार मेले जल्द
कोरोना काल में कंपनियों को पंजीकृत बेरोजगारों के मोबाइल और उनकी योग्यता का रिकॉर्ड मुहैया कराया गया। जल्दी ही ऑफलाइन रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
- टीएन तिवारी, सहायक निदेशक
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