एक लाख करोड़ से ज्यादा के कर्जे में डिस्कॉम
प्रदेश के डिस्कॉम पहले से ही करीब एक लाख करोड़ के कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। ये कर्ज इन्हें बेहतर प्रदर्शन और बिजली चोरी को 15 फीसदी से नीचे लाने की शर्त पर दिया गया है। लेकिन न तो डिस्कॉम समय पर राजस्व जुटा पा रहे हैं और न ही बिजली चोरी और लाइन लॉस में कमी आ रही है।
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34 हजार करोड़ रुपये का पड़ेगा बोझ
चुनाव में हर दूसरी पार्टी बिजली के दम पर चुनाव जीतने के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही हैं। सपा और आम आदमी पार्टी ने घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक बिजली फ्री देने का वादा किया है।
वहीं योगी सरकार ने भी बिजली दांव खेलते हुए एन मौके पर नलकूप बिजली दरों को आधा कर किसानों को साधने की कोशिश की है। रालोद ने भी किसानों का पिछला बकाया बिल माफ करने और आगे का बिल हाफ करने की घोषणा की है। यही घोषणा कांग्रेस की भी है। अगर ऐसा हुआ तो सरकार के खजाने पर करीब 34 हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का बोझ पड़ने वाला है।