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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: यूपी के इस जिले में रोज बर्बाद हो रही कोरोना वैक्सीन की 50 से अधिक डोज, ये है असली वजह

Mon, 20 Dec 2021 10:31 AM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने और ओमिक्रॉन की देश में दस्तक को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के माथों पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। वहीं इसी दौरान कोरोना रोधी टीके की बर्बादी पर सवाल उठ रहे हैं। यूपी के बागपत में कोरोना वैक्सीन की भारी मात्रा में बर्बादी सामने आई है।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में टीकाकरण कराने के लिए आयोजित किए जा रहे शिविर परवान नहीं चढ़ रहे हैं। कम संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण रोजाना कोरोना वैक्सीन की 50 से अधिक डोज बर्बाद हो रही हैं। पिछले 45 दिन में करीब 2100 डोज बेकार हो चुकी हैं। एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने और ओमिक्रॉन की देश में दस्तक को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के माथों पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैँ। 

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कुल 9,36,400 लोगों को लगना है कोरोनारोधी टीका
जनपद में कुल 9,36,400 लोगों को कोरोनारोधी टीका लगना है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक 7,78,696 लोगों को पहला और 5,75,259 लोगों को दूसरा टीका लग चुका है। अब तक कुल 13,53955 टीके लग चुके हैँ। अभी भी 1,57,704 लोगों को पहला और 3,61,141 लोगों को दूसरा टीका लगना बाकी है। अधिक से अधिक से लोगों को कोरोनारोधी टीका लगे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद में रोजाना तकरीबन 250 शिविर लगाए जा रहे हैँ। ल, पर्याप्त संख्या में लोग इन शिविरों में नहीं पहुंच रहे है। 

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शीशी खुलने के चार घंटे बाद बेकार हो जाती है डोज
बड़ौत सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि कोवैक्सीन के एक शीशी में 20 डोज रहती हैँ। यानी एक शीशी से 20 लोगों को टीके लगाए जाते हैं। शीशी के एक बार खुलने के बाद उसे चार घंटे में खत्म करना होता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो डोज बेकार हो जाती है। शिविर में लोग काफी कम संख्या में पहुंच रहे हैं। बताया कि कोविशील्ड की एक शीशी में 10 डोज रहते हैं, जिस कारण यह बहुत कम खराब हो रही है।

जागरूकता से थम गई थी वैक्सीन की बर्बादी
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में आठ सीएचसी, 23 पीएचसी और एक जिला अस्पताल है। सरकार की ओर से पहले कोवैक्सीन की शीशी दी जा रही थी। शुरुआत में जागरूकता कम होने के चलते लोग कम पहुंच रहे थे, इससे कोवैक्सीन की बर्बादी बढ़ गई थी। इसलिए सरकार ने इस बर्बादी केे थामने के लिए पांच से 10 लोगों को लगाने वाली शीशी की सप्लाई शुरू दी। इससे इसकी बर्बादी थम गई। लेकिन अब ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा सके, इसके तहत सरकार की ओर से फिर से 20 लोगों को वैक्सीन लगाने वाली शीशी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। ऐसे में इसकी बर्बादी फिर से बढ़ने लगी है। 

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाने का अभियान चलाया है। हर जगह दोनों वैक्सीन उपलब्ध हैं, लेकिन कम संख्या में लोग कैंपों में पहुंच रहे हैं। नतीजतन प्रत्येक सीएचसी पर चार से पांच कोवैक्सीन का डोज खराब हो रही है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कैंप में पहुंचने का आह्वान किया। - डॉ. दीपा सिंह, डीआईओ।
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