मेरठ में कोरोना महामारी के खतरे के मद्देनजर समाज जागरूक हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान से लोग लगातार जुड़ रहे हैं। 12 से 14 साल और 15 से 17 साल आयु वर्ग में बेटों से ज्यादा बेटियां बढ़-चढ़कर आगे आ रही हैं।
12 से 14 वर्ष के 12,289 बच्चे वैक्सीन लगवा चुके हैं, जबकि 15 से 17 वर्ष के 1,95,717 किशोर व किशोरियों ने वैक्सीन लगवाकर समाज को टीकाकरण कराने का संदेश दिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इन दोनों वर्गों में करीब 51 प्रतिशत लड़कियों और 49 प्रतिशत लड़कों ने टीकाकरण कराया है। जिले के 83 केंद्रों पर चल रहे टीकाकरण अभियान के तहत अब तक कुल हर आयु वर्ग 27,97,606 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज और 21,74,599 को दोनों डोज लग चुकी हैं।
यह भी पढ़ें: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: पांचवे चरण का काम शुरू, खर्च होंगे 300 करोड़
बच्चे दिखा रहे रुचि
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि परीक्षा व अवकाश के बावजूद बच्चों ने टीकाकरण के प्रति खासी रुचि दिखाई है। यही वजह है कि कम समय में भी ज्यादा टीकाकरण हुआ है। यह सराहनीय है। टीकाकरण को और बढ़ाया जाएगा।
वैक्सीन से बढ़ेगी रोग प्रतिरोधक क्षमता
राधिका कहती हैं कि सरकार ने महामारी से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया है। वैक्सीन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार रहेगी।
यह भी पढ़ें: बिजनौर: इंटर की परीक्षा देने जा रहे छात्र की सड़क दुर्घटना में मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सभी को लगवानी चाहिए वैक्सीन
श्रद्धा ने कहा कि महामारी से बचने के लिए सभी को वैक्सीन लगवानी चाहिए। मैंने भी वैक्सीन लगवा ली है। - श्रद्धा
सुरक्षित है वैक्सीन
मन्तव्या का कहना है कि कोरोना से बचाव की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। यह किसी तरह से नुकसानदायक नहीं है। अब कोरोना का डर खत्म हो गया है।
डरें नहीं, वैक्सीन लगवाएं
नैतिक बताते है कि इस टीके से न तो दर्द होता है और न ही इसका कोई नुकसान है। मैंने टीका लगवा लिया है। सबको यह लगवाना चाहिए।