अलकरीम होटल की अवैध बिल्डिंग पर नगर निगम शीघ्र कब्जा लेगा। इसके लिए नगर निगम को फोर्स मिलने का इंतजार है। कब्जे में लेने के बाद निगम प्रशासन जमीन को पूरी तरह से साफ कराएगा। वहां पर दुकानें बनेंगी या अन्य कोई बिल्डिंग इसका फैसला बाद में होगा।
घंटाघर के निकट नगर निगम की चार दुकानों में अलकरीम होटल चलता था। होटल मालिक परिवार के ही एक सदस्य ने होटल मालिक पर निगम की दुकानों का स्वरूप बदलने और दुकानों के ऊपर अवैध निर्माण करने के आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम और एमडीए ने संयुक्त रूप से होटल को तुड़वाने का काम किया। 70 प्रतिशत अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। कुछ ढांचा अभी भी मौके पर है। मंगलवार को नगर निगम स्थित सभागार में नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने बैठक ली। उन्होंने सूचना न देने पर लिपिक को जमकर फटकार लगाई। साथ ही चेतावनी दी कि अगर न्यायालय वाले मामलों में समय से उन्हें सूचना नहीं दी तो संबंधित लिपिक और अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी जाएगी। नगरायुक्त ने कहा कि निगम की दुकानें यानी अलकरीम होटल के अवैध ढांचे को शीघ्र ही गिराए जाने की तैयारी जाए। चुनाव के कारण फोर्स नहीं मिल रही है। फोर्स मिलते ही भूमि पर कब्जा लिया जाएगा। उसके बाद भूमि खाली करके अगली योजना बनाई जाएगी। भूमि पर किसी भी स्थिति में अवैध कब्जा या निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।