अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अनीता भटनागर जैन ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के लिए हम 10 साल के विजन पर काम कर रहे हैं। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों से कहा गया है कि वे भविष्य की जरूरतों के हिसाब से योजना बनाकर दें।
अपर मुख्य सचिव सुबह सबसे पहले ब्लड बैंक का जायजा लेने पहुंचीं। इसके बाद इमरजेंसी और आईसीयू के अलावा अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों से समस्याओं की जानकारी ली। ईसीजी वार्ड और केंद्रीय लैब के निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए अलग से लाइन बनाने और बैठने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। लैब के पास मलबा पड़ा मिलने पर उन्होंने माड्यूलर ओटी के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई।
प्राचार्य कक्ष में ली बैठक
निरीक्षण के बाद उन्होंने प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता, सीएमएस डॉ. विभु साहनी और निर्माण एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने मेडिकल कॉलेज में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश दिए।
विजन पर फोकस
समीक्षा बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ने मीडिया से वार्ता में कहा कि 10 साल के विजन में देखा जा रहा है कि मेडिकल कॉलेजों में किस तरह से चिकित्सा सुविधाएं और सीटें बढ़ाई जा सकती हैं और उसके लिए किस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी, ताकि विजन के हिसाब से प्राचार्य अपने स्तर पर प्रस्ताव बनाकर भेज सकें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अच्छी बात यह रही है कि अंदर वार्डों में मरीज के साथ एक ही तीमारदार के जाने दिया जाता है, क्योंकि ज्यादा लोगों के अंदर जाने से इलाज प्रभावित होता है और गंदगी भी ज्यादा होती है।
दूर होगा दवाओं का संकट
मेडिकल कॉलेज में दवाएं उपलब्ध न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 5.32 करोड़ रुपये का बजट कॉलेज को दिया गया था, जिसके सापेक्ष में करीब 5.80 करोड़ की दवाएं इन्होंने खरीदी हैं। अतिरिक्त बजट के लिए फाइल भेजी गई है। जल्द ही दवाओं के लिए भी पैसा मिल जाएगा।
कर्मचारी यूनियनों ने सौंपा ज्ञापन
अपर मुख्य सचिव को मेडिकल कालेज कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन त्यागी और महामंत्री कपिल राणा ने छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति करने, कैंप में कर्मचारियों के आवास की मरम्मत कराने आदि मांगे उठाई गईं। वहीं, राजकीय मेडिकल कालेज एवं संबद्ध चिकित्सालय कर्मचारी महासंघ की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने मांग पत्र सौंपा। चीफ फार्मेसिस्ट योगेंद्र पाल सिंह भी अपनी मांगों को लेकर मिले।