करनाल में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। आंदोलन लंबा खिंचने की स्थिति में यूपी के किसान भी रवाना हो सकते हैं। यही नहीं स्थानीय स्तर पर भी किसान धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं। भाकियू कार्यकर्ता रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। मेरठ में पुलिस-प्रशासन भी किसान नेताओं से बातचीत कर रहा है। एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल ने बताया कि जोन के सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि वह अलर्ट रहें।
हरियाणा में चल रहे किसान आंदोलन का असर पश्चिमी यूपी के जनपदों में दिखाई दे सकता है। खुफिया विभाग के इनपुट के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। मेरठ और सहारनपुर मंडल में किसान थानों या अन्य पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं। इसको लेकर पुलिस ने स्थानीय किसान नेताओं, किसानों से संपर्क किया। समन्वय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हरियाणा की सीमा से लगे सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर के जिलों के किसानों पर पुलिस का फोकस है। उनकी निगरानी भी बढ़ाई है। खुफिया विभाग किसानों के बारे में जानकारी ले रहा है।
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किसानों की तैयारी पर पुलिस की नजर
करनाल में किसान आंदोलन को लेकर मेरठ जोन के कई जनपदों में किसान गोपनीय बैठक कर रहे हैं। बैठक में शामिल किसानों से पुलिस संपर्क कर रही, ताकि किसानों की अगली रणनीति पर निगरानी बढ़ाई जा सके। एसएसपी मेरठ प्रभाकर चौधरी ने बताया है कि पुलिस निगरानी कर रही है। कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस का किसान आंदोलन पर पूरा फोकस है।
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