इनके अलावा कई बड़े आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे ओमवीर तोमर भी कांग्रेस में शामिल हो गए। ओमवीर तोमर भी वर्ष 1985 में कांग्रेस से बरनावा विधानसभा से चुनाव लड़ चुके है।
अहमद संग जिला पंचायत सदस्य पति व काफी प्रधान भी कांग्रेस में गए
रालोद छोडक़र अहमद हमीद के साथ जिला पंचायत सदस्य के पति, कई गांवों के प्रधान व अन्य वर्ग के लोग कांग्रेस में पहुंच गए। जिनमें जिला पंचायत सदस्य शाहिदा के पति फखरूद्दीन, प्रधान आस मोहम्मद, धर्मसिंह विकल, एडवोकेट सरफराज अहमद, एडवोकेट इफ्तकार हसन पूर्व प्रधान, इरफान पठान, पूर्व ब्लॉक प्रमुख नसीम राणा, लियाकत खां, एडवोकेट अरविंद, अजेंद्र बली, अलीहसन प्रधान, नासिर प्रधान, महबूब प्रधान, दिलशाद प्रधान, मुर्तजा प्रधान, मोमीन प्रधान समेत अन्य भी कांग्रेस में शामिल हुए।
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छात्र राजनीति से राज्यमंत्री तक पहुंचे ओमवीर तोमर
शिकोहपुर गांव के रहने वाले ओमवीर तोमर ने वर्ष 1977 में छात्र राजनीति शुरू की और वह जनता वैदिक कॉलेज के अध्यक्ष बने। बड़ौत छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से तीन छात्रों की मौत के बाद हुए आंदोलन में ओमवीर जेल गए थे तो गन्ना मूल्य को लेकर बॉट क्लब पर हुए आंदोलन में भी जेल गए। 1980 में हुए माया त्यागी कांड को लेकर हुए आंदोलन में अग्रणी रहे थे। लोकदल के युवा राष्ट्रीय महासचिव भी रहे और कांग्रेस में पहले रह चुके है। अब राहुल गांधी के संघर्ष से प्रभावित होकर वापस कांग्रेस में जाने की बात कही है।
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