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वैक्सीन लगने के बाद कितनी एंटीबॉडी बनी, सैंपलिंग शुरू

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वैक्सीन लगने के बाद कितनी एंटीबॉडी बनी, सैंपलिंग शुरू
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मेरठ। वैक्सीन लगने के बाद कितनी एंटीबॉडी बनी इसकी जांच के लिए बृहस्पतिवार को नया सीरो सर्वे शुरू किया गया। 500 लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे जाएंगे। सैंपल 250 कोवैक्सीन और 250 कोविशिल्ड की दोनों डोज लगवाने वालों के होंगे। कुछ नमूने सीएचसी से एकत्रित किए जाएंगे, जबकि कुछ सीएमओ कार्यालय में लिए जाएंगे।
मेरठ में अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तलियान ने बताया कि एंटीबॉडी जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की रणनीति में जरूरत के हिसाब से बदलाव किया जा सकेगा। इनमें सभी उम्र के महिला, पुरुष दोनों शामिल किए जा रहे हैं।
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यह है एंटीबॉडी
एंटीबॉडी शरीर का वो तत्व है, जिसका निर्माण हमारा इम्यून सिस्टम शरीर में वायरस को बेअसर करने के लिए पैदा करता है। इसके टेस्ट से पता चलता है कि बीमारी से लड़ने के लिए व्यक्ति कितना तैयार है। जब कोई इंसान कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाता है तो उसके शरीर में एंटी बॉडी बनती है। इसी तरह वैक्सीन लगने के बाद भी एंटी बॉडी बनती है।
ये वायरस से लड़ते हैं। ठीक हुए 100 कोरोना मरीजों में से आमतौर पर 70-80 मरीजों में ही एंटीबॉडी बनती है।
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