48 घंटे बाद दीपक का शव पुलिस को सौंपा
सरधना। अटेरना के दीपक हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश बना हुआ है। अभी तक पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। सोमवार दोपहर मौके पर पहुंचे एसडीएम व एसपी ट्रैफिक ने ग्रामीणों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी व आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। गहमागहमी बीच 48 घंटे बाद ग्रामीणों ने पुलिस को शव सौंप दिया। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
गांव अटेरना निवासी दीपक पुत्र धन्नी का शव हत्या के दो माह बाद शनिवार को रजबहे में दबा मिला। ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीरता से जांच नहीं करने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। ग्रामीण अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव पुलिस को सौंपने की जिद पर अड़े थे। ग्रामीणों और पुलिस के बीच कई बार तीखी नोकझाेंक भी हुई। लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। भारी आक्रोश के बीच दो रात ग्रामीण रजबहे में शव के पास डटे रहे। 24 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर रविवार को ग्रामीणों ने अटेरना पुल के पास गंगनहर पटरी पर जाम लगाते हुए पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
सोमवार को एसडीएम सरधना सूरज पटेल और एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों ने अधिकारियों को पुलिस की लापरवाही से अवगत कराया। एसपी ट्रैफिक व एडीएम के आश्वासन पर ग्रामीण शव पुलिस को सौंपने के लिए तैयार हुए। अधिकारियों ने अशोक सोम को जल्द गिरफ्तार करने, आरोपियों पर गैंगस्टर व रासुका समेत संगीन धाराओं में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं, मामले की विवेचना इंस्पेक्टर क्राइम से बदलकर थाना प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण वर्मा से कराने के लिए कहा। इंस्पेक्टर क्राइम के खिलाफ कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन देकर मामला शांत किया।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित कर दी गई हैं। थाना पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। जबकि पुलिस दो आरोपियों जीतन और सूर्यकांत को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।