4 महीने बाद शहर में 10 लाख लोगों को मिलेगा गंगाजल
मेरठ। चार महीने बाद शहर में 10 लाख लोगों को प्रतिदिन 60 एमएलडी गंगाजल मिलना शुरू हो जाएगा। आठ साल से सूखे पड़े कई जलाशयों को जोड़ने के लिए 5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डालने का काम शुरू हो गया है। अभी तक सिर्फ पांच लाख लोगों को 35 एमएलडी गंगाजल प्रतिदिन मिल रहा है।
2011 की जनगणना के मुताबिक महानगर की जनसंख्या लगभग 15 लाख है। अब यह आंकड़ा 20 लाख के पार होने का अनुमान है। तीन साल पहले भोला की झाल से महानगर के टाउन हॉल, पीएल शर्मा स्मारक, सर्किट हाउस और विकासपुरी जलाशय तक गंगाजल पहुंचाया गया था। इन चारों स्थानों से शहर को करीब 35 एमएलडी गंगाजल प्रतिदिन दिया जा रहा है। गोलाकुआं पर जल निगम ने आठ साल पहले जलाशय बनवाया था। अब जल निगम ने जलाशय को जोड़ने के लिए पाइपलाइन डालनी शुरू कर दी है ।बच्चा पार्क जलाशय को अभी तक ट्यूबवैल से भरा जाता है। गोलाकुआं के बाद बच्चा पार्क जलाशय तक गंगाजल पहुंचाने के लिए मुख्य पाइपलाइन से जोड़ने का काम शुरू कराया जाएगा। इस जलाशय से बुढ़ाना गेट, बेगमपुल, भैसाली रोडवेज, जलकोठी सहित कई इलाकों में गंगाजल पहुंचेगा। शास्त्रीनगर और जागृति विहार में भी गंगाजल की आपूर्ति होगी। नौचंदी मैदान में तिरंगा गेट के पास वाले जलाशय से जैदी सोसायटी, राजेन्द्र नगर, हापुड़ रोड के कई इलाकों तक गंगाजल पहुंचेगा।
दिसंबर में ट्रायल संभव
कंपनी को फरवरी तक सभी जलाशयों को गंगाजल की पाइपलाइन से जोड़ने का समय दिया गया है। काम तेजी से चल रहा है और दिसंबर तक पूरा होने का अनुमान है। पाइपलाइनों की सफाई और ट्रायल करने के बाद फरवरी में हर कीमत पर इन जलाशयों से जुड़े क्षेत्रों की जनता को गंगाजल आपूर्ति की जाएगी।
रमेश चंद्रा, परियोजना प्रबंधक जल निगम।