- वीरता पुरस्कार और कीर्ति चक्र मिलने पर परिजनों को किया सम्मानित
- बोले- उत्तर प्रदेश में पहली बार ये सम्मान एसटीएफ के पुलिसकर्मी को मिला
- राज्य मंत्री, सांसद, एडीएम, शामली एसपी भी पहुंचे
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संवाद न्यूज एजेंसी
गंगानगर (मेरठ)। स्वतंत्रता दिवस पर एडीजी भानु भास्कर इंचौली थाना क्षेत्र के मसूरी गांव स्थित बलिदान एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार के आवास पर पहुंचे। सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार व कीर्ति चक्र मिलने पर परिजनों को बधाई दी। एडीजी ने सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी, बेटे मनजीत और बेटी नेहा को बुके और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। पिता को वीरता पुरस्कार मिलने पर परिजन भावुक दिखे, सभी की आंखों में आंसू थे।
एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहली बार ये सम्मान एसटीएफ के पुलिसकर्मी को मिला है। उन्होंने बताया 20 जनवरी 2025 को घटना थी, जहां एक लाख के इनामी बदमाश से एनकाउंटर में सुनील कुमार बलिदान हो गए थे। एडीजी ने परिजनों को बुके दिया और शॉल ओढ़ाया। इस मौके पर पुलिसकर्मियों द्वारा मिठाई बांटी गई। बेटे मनजीत ने बताया पिता को मरणोपरांत मिले वीरता पुरस्कार आगामी होने वाले समारोह में दिया जाएगा। दामाद शशांक मलिक ने बताया कि कीर्ति चक्र 26 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में होने वाले समारोह में राष्ट्रपति द्वारा दिया जाएगा।
पुलिस, सांसद, मंत्री पहुंचे
एडीजी भानु भास्कर के बाद सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेई, राज्यमंत्री दिनेश खटीक, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, पूर्व विधायक संगीत सोम, अजित सिंह ने परिवार को सम्मानित किया। एसटीएफ एएसपी बृजेश कुमार सिंह, एसपी राजेश कुमार सिंह, एसपी देहात अभिजीत कुमार, एडीएम सहित सीओ सदर देहात सुधीर सिंह, रजपुरा मण्डल अध्यक्ष मोनू चौधरी, विनोद गौड़, इंचौली थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह आदि पहुंचे।
विपक्ष फर्जी एनकाउंटर बताकर गुमराह करता है
बेटे मनजीत ने बताया कि पिता को मिले इस सम्मान के लिए उनके पास शब्द नहीं है। उनका परिवार यह सम्मान पाकर खुश है। मनजीत ने पुलिस के एनकाउंटर के सवाल पर कहा जब एनकाउंटर होता है विपक्ष फर्जी बताकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास करता है। जब कोई पुलिसकर्मी ऐसे एनकाउंटर में बलिदान होता है तो उसका दर्द उसके परिवार वालों को ही पता होता है, उन पर क्या बीतती है। मनजीत ने कहा मैं भी पुलिस में भर्ती होकर पिता की तरह ईमानदारी से लगन के साथ काम करना चाहता हूं। पिता की तरह परिवार को गौरवान्वित करना चाहता हूं। पत्नी मुनेश देवी और बेटी नेहा से इस सम्मान के बारे में बात करते हुए रो पड़ीं। पुलिस अधिकारियों ने साहस दिलाया उन्होंने कहा यह हमारे लिए गर्व की बात है।
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