पीड़ित का आरोप है कि स्कूटी को छोड़ने की एवज में पुलिसकर्मियों ने एक लाख रुपये मांगे। बाद में 50 हजार रुपये वसूलकर स्कूटी उसके रिश्तेदारों को सौंप दी। फिरोज ने फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की आशंका जताकर एसएसपी से आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने मामले की जांच एसपी देहात कमलेश बहादुर को जांच सौंपी थी। शुक्रवार शाम इस मामले में एसएसपी ने हेड कांस्टेबल चौबे सिंह, कांस्टेबल ओमवीर और चालक अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
तमंचा हुआ बरामद, लेकिन विधिपूर्वक नहीं की गई कार्रवाई
एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों के निलंबन के आदेश में माना है कि इन्होंने घेर में खड़ी स्कूटी से अवैध शस्त्र बरामद किया, लेकिन इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को कोई सूचना नहीं दी। न ही विधिपूर्वक तरीके से अग्रिम कार्रवाई की। यह कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही है। इससे पुलिस की छवि धूमिल हुई है।
मामले में ऑडियो भी वायरल
शुक्रवार को इस मामले से संबंधित बताया जा रहा एक ऑडियो भी वायरल हो गया। इसमें स्कूटी को लेकर बातचीत की जा रही है। पहला व्यक्ति दूसरे से पूछ रहा है कि तुम्हारी ओमबीर से क्या बात हुई। दूसरा व्यक्ति कहता है कि मेरी कोई बात नहीं हुई। इस पर पहला व्यक्ति फिर पूछता है कि तुम स्कूटी लेकर नहीं गए। इस पर दूसरा कहता है कि स्कूटी किठौर का रहने वाला शोएब लेकर गया है।
शोएब ने कहा है कि तुम्हारी अमानत मिल जाएगी। इसके बाद पहला व्यक्ति तस्दीक करने के लिए पूछ रहा है कि अभी अमानत मिली नहीं है, मिल जाएगी। बात करने वाले दोनों व्यक्ति कौन हैं, इसकी भी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि पुलिसकर्मियों तमंचा बरामद किया, लेकिन न तो वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और न ही विधिपूर्वक कार्रवाई की। जिसमें लापरवाही मानते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।