मेडा ने न्यूटिमा को भेजा नोटिस, 21 दिन में हटाएं पार्किंग
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने न्यूटिमा अस्पताल के डायरेक्टर डाॅ. संदीप कुमार गर्ग को नोटिस भेजा है। इसमें पारित नक्शे के अनुरूप बेसमेंट की पार्किंग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। टीम को बेसमेंट में पार्किंग के स्थान पर ब्लड बैंक, लैब आदि का संचालन मिला है। मामले में कमिश्नर ने अपील को निस्तारित करते हुए सचिव प्राधिकरण को एक महीने में बेसमेंट में नक्शे के अनुरूप पार्किंग के निर्देश दिए हैं। मेडा ने 21 दिन में बेसमेंट में अन्य गतिविधियां बंद कर पार्किंग की व्यवस्था को नोटिस जारी कर दिया है।
प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन अर्पित यादव ने बताया कि प्लॉट संख्या 148/1 खसरा संख्या 2190 मैसर्स न्यूटिमा हेल्थ केयर प्रा. लि. गढ़ रोड पर स्वीकृत मानचित्र के विरुद्ध तृतीय तल पर स्वीकृत मानचित्र के अतिरिक्त क्षेत्रफल कवर करते हुए निर्माण कार्य किया गया है। इसके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। स्थल पर पार्किंग हेतु आरक्षित भूमि पर अन्य क्रियाएं जैसे लैब, ब्लड बैंक आदि का संचालन किया जा रहा है। इस कारण 20 अक्तूबर 2021 को पार्किंग स्थल को सील करने के आदेश जारी किए गए थे।
इस मामले में डाॅ. संदीप गर्ग ने कमिश्नर के यहां अपील की थी, जिस पर 18 नवंबर 2022 को निस्तारण हुआ। अपील निस्तारित कर दी गई है और अपीलार्थी को स्वीकृत मानचित्र में पार्किंग के लिए आरक्षित स्थल पर 40 प्रतिशत क्षेत्र में किए गए पार्टीशन को हटाने के लिए एक महीने का समय दिया है। सचिव प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं कि एक माह में मानचित्र का निस्तारण करें। तय समय में अगर अपीलार्थी द्वारा पार्किंग स्थल में किए गए अस्थाई निर्माण को नहीं हटाया जाता है तो प्राधिकरण 20 अक्तूबर 2021 के आदेश के क्रम में कार्रवाई कर आख्या दे। प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन ने बताया कि नोटिस में 21 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
दिनभर लगा रहता है जाम
न्यूटिमा अस्पताल में बेसमेंट में पार्किंग स्वीकृत है, जबकि सड़क पर ही पार्किंग कराई जाती है। ऐसे में सड़क संकीर्ण हो गई है। व्यस्ततम मार्ग पर पार्किंग से दिनभर जाम के हालात बने रहते हैं। कई बार जाम के कारण वाहन चालकों में मारपीट भी हो चुकी है। प्रशासन-स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट को भी गलत बताया।
पूरा भुगतान दिए बिना मरीजों को ले जाते हैं अतुल : न्यूटिमा प्रबंधन
न्यूटिमा अस्पताल का मामला फिर से तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को न्यूटिमा अस्पताल के चिकित्सकों ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान के आरोपों को निराधार बताया, साथ ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में दिए गए कई तथ्यों में गलत बताया।
न्यूटिमा के चिकित्सकों ने कहा कि सीमा प्रधान ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में एक रात का पांच लाख रुपये बिल का जिक्र किया था, जबकि बच्चे का बिल 2.92 लाख का था, जिसमें से 1.2 लाख रुपये ही भुगतान हुआ था। यह बिल मरीजों का एक माह का था, एक रात का नहीं। विधायक अतुल प्रधान अपने 30-40 समर्थकों के साथ आए थे और पूरे बिल का भुगतान कराए बिना मरीज को ले गए थे।
विधायक अपने समर्थकों के साथ ऐसा कई सालों से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरीज ने कभी भी फार्मेसी या एनआईसीयू में डॉक्टर से बाहर से दवाई लेने का अनुरोध नहीं किया था। हॉस्पिटल खुद ही सब दवाइयां उचित छूट पर देता है। हॉस्पिटल के मेडिकल स्टोर में तैनात फार्मासिस्ट और बाउंसरों द्वारा मरीज के तीमारदारों से कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया।
गुजरात कोर्ट ने भी राहुल गांधी केस में कहा था कि किसी नेता का उच्चारण तो आम जनता से बेहतर व सामंजस्य बनाए रखने का होना चाहिए, न्यायालय में बार-बार गलती करने पर राहुल गांधी को भी दंडित किया था। प्रेस कांफ्रेंस में न्यूटिमा अस्पतालों के प्रबंधक व चिकित्सक मौजूद रहे, जिनमें डॉ. संदीप गर्ग, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. विश्वजीत बैंबी, डॉ. शालीन शर्मा, डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. हरिराज सिंह तोमर, डॉ. रोहित कांबोज, डॉ. सुधि कांबोज और डॉ. श्वेता गर्ग रहे।