बुलंदशहर बवाल के बाद अवैध रूप से चल रही मीट फैक्ट्रियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। जिलाधिकारी ने दो फैक्ट्रियों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। उधर, एमडीए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन दोनों फैक्ट्री संचालकों ने शपथपत्र देकर कहा है कि उन्होंने खुद ही अपनी फैक्ट्रियां बंद कर ली हैं।
मीट फैक्ट्रियों पर इस समय जांच चल रही है। दरअसल मेरठ में काफी मीट फैक्ट्रियां ऐसी हैं जो अवैध रूप से चल रही है। म्यांमार तक के कारोबारी ने यहां आकर अवैध रूप से फैक्ट्री बना ली पर किसी विभाग ने कोई सुध नहीं ली। एमडीए ने सबसे ज्यादा लापरवाही दिखाई। बिना मानचित्र स्वीकृत हुए ही बड़ी बड़ी फैक्ट्री खड़ी हो गईं। काफी फैक्ट्रियों के पास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की एनओसी नहीं है तो कुछ के पास नगर निगम की मंजूरी नहीं है। अधिकतर के पास एपीडा का लाइसेंस नहीं है। कई प्लांटों में सील लगी होने के बावजूद कटान हो रहा था। डीएम अनिल ढींगरा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, एमडीए, फायर विभाग आदि से कहा है कि वह अपने अपने स्तर पर जांच कर रिपोर्ट दें। लगातार दो दिन यहां छापामारी कराई गई। सभी फैक्ट्रियों में जाकर 15 टीमों ने सारे दस्तावेज चेक किए। विभागों ने अपनी रिपोर्ट डीएम को पेश कर दी है।