इसके बाद 11 नवंबर 2022 को उसे टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेज दिया। वहां जाते ही उसका पासपोर्ट व मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर मारपीट की और खाना भी नहीं दिया। उसके कई फर्जी खाते खुलवाए और कई कंपनी के फर्जी आईडी कार्ड बनाकर उसमें फर्जी पदों पर पोस्टिंग दर्शाकर बैंकों से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, चैक बुक व लोन लिया और भारतीय बैंकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
इन लोगों का एक संगठित गिरोह है जिसमें इनके अलावा पाकिस्तान निवासी अली हसन भी है। वह भी उसे धमकाता था कि मेरे डी कंपनी से संबंध हैं। हम पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए कार्य करते हैं। इन लोगों ने दुबई व भारत में अकूत संपत्ति अर्जित कर रखी है। 19 मार्च 2023 को इन लोगों ने उसे मारा-पीटा और जान से मारने की कोशिश की। किसी तरह प्रार्थी वहां से जान बचाकर एयरपोर्ट पर पहुंचा, लेकिन पासपोर्ट न होने के कारण भारत नहीं आ सका।
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उसी रात आरोपी एयरपोर्ट पर आए और कार में जबरदस्ती डाल कर रेगिस्तान में ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की और जान से मारने का प्रयास किया। उसने किसी तरह हाथ जोड़कर जान बचाई। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि हमारा कार्य करने से पहले यहां से जाने की कोशिश की तो मारकर रेगिस्तान में दबा देंगे। उसके फर्जी कागजातों पर क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड और चेक बुक बैंक से ले ली।
उसके सभी डॉक्यूमेंट्स अभी भी आरोपियों के कब्जे में है। आरोपी दुबई में कई लोगों को बहला-फुसला कर नौकरी का झांसा देकर ले जाते हैं। मानव तस्करी व मानव अंगों की तस्करी करते हैं। बैंकों से लोन लेकर रुपये हड़प लेते हैं।
भोले-भाले लोगों को फंसाकर उनको गिरफ्तारी की धमकी देकर भगा देते हैं। 21 अप्रैल 2023 को आरोपियों ने उसे 2000 दिरहम देकर वापस भारत भेज दिया। साथ ही धमकी दी कि भारत में हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई की तो जान से मार देंगे। उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।