दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया
मवाना। अनुसूचित जाति के कुछ युवकों ने बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के स्थानीय नेताओं पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने नेताओं पर कार्रवाई नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी है।
मोहल्ला मुन्नालाल स्थित मंदिर में मंगलवार को मोनू जाटव बजरंगी, अर्जुन सिंह जाटव, अंकित जाटव, आदेश वर्मा, योगेश, उत्तम कुमार, जैकी, सुधीर सतीशराज, महेंद्र सिंह आदि ने सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल के जिला संयोजक लाखन पोसवाल, विहिप के जिलाध्यक्ष अमर रस्तोगी तथा जिला सहमंत्री उनके साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्हें भीम आर्मी या बसपा में जाने के लिए कहा।
उन्होंने तीनों नेताओं पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया। सोमवार को दो पक्षों के आपसी झगडे़ में दलित समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए गए। अगर संगठन इन पर कार्रवाई नहीं करता है तो वह धर्म बदलने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में बजरंग दल के जिला संयोजक लाखन पोसवाल ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। विहिप के जिलाध्यक्ष अमर रस्तोगी का कहना है कि हमने तो कुछ नहीं किया। दोनों ही कार्यकर्ता अपने हैं। ऊपर अधिकारियों तक मामला पहुंच गया है। सभी आरोप निराधार हैं।