मजदूर सोनू ने बताया कि अचानक से पूरा स्लैब भरभरा कर नीचे गिर गया। गनीमत रही थी कि कोई भी फ्रेम के नीचे नहीं दबा। फ्रेम के नीचे आ जाते तो बड़ा हादसा हो जाता।
आने-जाने वाले भी आ सकते थे चपेट में
शॉप्रिक्स मॉल चौकी के ठीक सामने जहां पर यह स्लैब ऊपर रखा जा रहा था, वहां पर किसी भी वाहन को नहीं रोका गया था, गनीमत रही कि जिस समय स्लैब गिरा तो उस समय नीचे कोई भी व्यक्ति नहीं जा रहा था, कोई वहां से गुजर रहा होता तो वह भी चपेट में आ जाता। गाजियाबाद के दो युवकों ने बताया कि वह चंद सेकंड पहले ही यहां से निकले थे, वह बाल-बाल बच गए। घटना से आसपास में हड़कंप मच गया।
बताया गया कि घायलों को अस्पताल ले जाने में आधा घंटे से ज्यादा का समय लग गया। बताया गया कि एंबुलेंस मौके पर नहीं आई थी, कोई भी व्यक्ति उनको अपनी प्राइवेट गाड़ी से ले जाने वाला नहीं था। इसके बाद अधिकारियों ने किसी तरह उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
एनसीआरटीसी द्वारा दी गई प्रतिक्रिया
यह टेम्पररी सपोर्ट स्ट्रक्चर सेफ्टी बैरीकेडेड एरिया के अंदर गिरा। सेफ्टी बैरिकेडे एरिया के बाहर किसी को चोट नहीं आई। गिरे हुए टेम्पररी सपोर्ट स्ट्रक्चर और मटेरियल को हटाने का कार्य आरंभ कर दिया गया है। दिल्ली से मेरठ और मेरठ से दिल्ली जाने का दोनों मार्ग खुला हुआ है और सामान्य यातायात चल रहा है। इस घटना की जांच के लिए तीन अधिकारियों की समिति बनाई गई है।