फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ पुलिस का कारनामा : आप जिलाध्यक्ष के धरनारत किसानों का समर्थन करने पर भाई को रातभर थाने में रखा नजरबंद

Mon, 31 May 2021 09:38 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
kisan - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

मेरठ के गंगानगर में भाई का विपक्ष की राजनीति करना एक चिकित्सक को भारी पड़ गया। पूरी रात थाने में बितानी पड़ी। मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा। इसकी भनक लगते ही कई संगठनों के लोग थाने पहुंच गए। किरकिरी के बाद चिकित्सक को छोड़ दिया गया।

विज्ञापन


न्यू आर्यपुरम बक्सर निवासी अंकुश चौधरी आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष हैं। दो दिन पूर्व अंकुश ने टोल पर चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। पुलिस को जैसे ही इसकी भनक लगी, उन्होंने आप जिलाध्यक्ष को हिरासत में लेने की कवायद शुरू कर दी।
 

विज्ञापन

रविवार रात करीब आठ बजे पुलिस आप नेता के घर पहुंच गई। परिजनों से बात हुई तो उन्होंने कोई भी जानकारी न होने की बात कही। इसके बाद घर के बाहर पुलिस बिठा दी गई। रात 11 बजे तक पुलिस ने कई चक्कर आप नेता के घर के लगा लिए। तमाम कोशिश के बाद भी जब अंकुश चौधरी हाथ नहीं लगे तो पुलिस उनके भाई व आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. विकास चौधरी को पूछताछ के बहाने थाने लेकर आई और नजरबंद कर दिया।

पिता पहुंचे तो उन्हें अंकुश चौधरी को लाने व डॉ. विकास को ले जाने की बात कहकर लौटा दिया गया। राजनीतिक उत्पीड़न ही कहा जायेगा कि केवल भाई के विपक्ष की राजनीति करने का खामियाजा डॉ. विकास को भुगतना पड़ा और रात थाने में गुजारनी पड़ी। सुबह होते ही मामला तूल पकड़ गया।

मेरा शहर, मेरी पहल के विपुल सिंघल सहित कई संगठनों के लोग थाने पहुंच गए और पुलिस उत्पीड़न का विरोध जता दिया। अफसरों के फ़ोन घनघनाने लगे। मामला बिगड़ता देख पुलिस बैकफुट पर आ गई और डॉ. विकास चौधरी को छोड़ दिया गया।

यही नहीं डॉ.विकास से पुलिस ने कोई उत्पीड़न न किये जाने का पत्र भी लिखवा लिया। इंस्पेक्टर गंगानगर ऋषिपाल सिंह ने हिरासत में रखने के आरोप को गलत बताया है। उनका कहना है कि केवल रात व सुबह डॉ. विकास को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूरा मामला अफसरों के संज्ञान में है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें