मेरठ। आउट सोर्सिंग पर नाला सफाई के भुगतान और फाइलों में फर्जी हस्ताक्षर का मामला नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भारी पड़ गया। शनिवार शाम शासन के आदेश पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह को कार्य मुक्त कर दिया गया है। साथ ही इनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
नाले और वार्डों में सफाई को लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी काफी समय से विवादों में हैं। एक बार तो नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हो चुका है। पिछले महीने आउट सोर्सिंग पर नाला सफाई को लेकर नगरायुक्त अब्दुल समद और नगर स्वास्थ्य अधिकारी में छिड़ गई थी। मामला इतना बढ़ा कि नगरायुक्त ने डॉ. राजवीर सिंह से कार्य छीनकर डॉ. आरएस चौहान को सौंप दिया था। इस बीच डॉ. राजवीर ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। चार दिन पहले ही डॉ. राजवीर ने न्यायालय के आदेश पर नगर निगम में बैठना शुरू कर दिया। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे ही नगरायुक्त ने डॉ. राजवीर सिंह को पत्र जारी करके नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कार्यभार सौंपा। इसके बाद करीब 4 बजे शासन का आदेश नगरायुक्त के पास आ गया। इसके अनुसार नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह को नगर निगम से कार्य मुक्त कर दिया गया। शासन के आदेश की नगरायुक्त अब्दुल समद ने पुष्टि की है। उधर डॉ. राजवीर सिंह का कहना है कि ऐसी जानकारी तो मिली है, लेकिन पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।