मेरठ। खरखौदा के चर्चित गैंगरेप और धर्मांतरण के मुकदमे का बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। इस मामले में गिरफ्तार सभी 10 आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चार्जशीट को संज्ञान में लेते हुए आरोपियों की अगली पेशी 28 अक्तूबर को तय की है।
खरखौदा क्षेत्र के व्यक्ति ने तीन अगस्त को उसकी पुत्री का अपहरण कर गैंगरेप और जबरन धर्मांतरण कराने की नामजद रिपोर्ट थाना खरखौदा पर दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपियों नवाब पुत्र यासीन, सनाउल्ला पुत्र वकाउल्ला, समर जहां पत्नी सनाउल्ला और निशात पुत्री हशमत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने शानू उर्फ शाहनवाज पुत्र ताहिर, गुल सनव्वर मुन्ने खां और वकील उर्फ राजा पुत्र महमूद अली निवासी गांव दौताई, हापुड़, हबीब राजी पुत्र अल्ला राजी निवासी असौड़ा हापुड़, नवीन गुप्ता पुत्र हरि शंकर निवासी छोटा बाजार, गढ़ जिला हापुड़ और कलीम पुत्र आदिल निवासी गांव उलधन थाना खरखौदा को गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि, 26 सितंबर को विवेचक अलका सिंह ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें आरोपी कलीम पर ही बलात्कार के आरोप साबित होने की बात कही थी। अन्य आरोपियों पर छेड़छाड़ और अन्य संगीन धाराएं लगाई गई थीं।
नवीन को हाईकोर्ट से जमानत:
आरोपी नवीन गुप्ता पर आरोप था कि उसने युवती के धर्मांतरण संबंधी शपथपत्र फर्जी तरीके से तैयार कराकर उसे नोटरी कराया था। आरोपी की तरफ से जिला जज की अदालत में जमानत याचिका खारिज होने के बाद हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। हाईकोर्ट ने बुधवार को नवीन को जमानत पर छोड़ने के आदेश दिए।
युवती के बयान होंगे निर्णायक:
पूरे प्रकरण में अब पीड़ित युवती के बयान महत्वपूर्ण हो गए हैं। यह मामला सामने आने के बाद से युवती कई बार अपने बयान बदल चुकी है। मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में एफआईआर का समर्थन करने वाली युवती ने रविवार घर छोड़ते हुए अपने परिजनों पर ही जान से मारने के अंदेशे के गंभीर आरोप लगा डाले थे। इसकी थाना खरखौदा पर एनसीआर भी दर्ज की जा चुकी है। पीड़ित युवती इस समय नारी निकेतन में है। ट्रायल के दौरान युवती के बयान ही इस केस में निर्णायक साबित होंगे।