मेरठ। नए सत्र में इंजीनियरिंग और बीएड की सीटें भरना चुनौती होगी। सीट बढ़ रही हैं और आवेदक घट रहे हैं। छात्रों की संख्या बढ़ाने की यूपीटीयू की कवायद रंग लाती नजर नहीं आ रही। इंजीनियरिंग के अलावा मैनेजमेंट और अन्य कोर्स में तो और भी बुरा हाल है। सीट के बराबर भी आवेदन नहीं आए हैं। यही हाल बीएड का भी है। कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और छात्रों की संख्या घट रही है। सीट भरने के लिए अब कॉलेजों को ऑफर का सहारा लेना पड़ेगा। कुछ कॉलेज ऐसा करते रहे हैं।
इंजीनियरिंग का हाल
यूपीटीयू के कुलपति ने इंजीनियरिंग कॉलेजों को जोड़ने में पिछले एक साल में काफी मेहनत की है। हाल में मेरठ के राधा गोविंद इंजीनियरिंग कॉलेज में संस्थानों के निदेशकों के साथ बैठक की थी। उसमें यूपीटीयू की ब्रांडिंग करने और छात्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। आंकड़े योजना के हक में नहीं जा रहे। दो लाख 10 हजार सीट के मुकाबले एक लाख 96 हजार आवेदन आए हैं। इंजीनियरिंग में एक लाख 65 हजार आवेदन हैं। कुछ एंट्रेंस छोड़ेंगे तो कुछ दूसरे विवि या कॉलेज जाएंगे। सत्र 2014-15 में भी सीट भरने का संकट रहेगा। मेरठ की बात करें तो यहां 30 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 15 हजार सीटें हैं। कई साल से यह भर नहीं पा रही। आवेदनों की संख्या कम होने से कॉलेजों की चिंता बढ़ गई है।
बीएड पर नजर
बीएड का हाल भी ठीक नहीं है। यहां भी सीट से कम आवेदन आए हैं। कॉलेज बढ़ने के आवेदन जरूर बढ़े हैं। सीसीएसयू में नए सत्र में एक दर्जन से अधिक बीएड के नए कॉलेज खुलने को तैयार हैं। जबकि एंट्रेंस के लिए यहां इस बार आवेदन करीब 11 हजार घट गए हैं। सत्र 2014-15 के एंट्रेंस के लिए 30200 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा है। वेस्ट यूपी के अलावा ईस्ट यूपी से भी काफी संख्या में छात्र सीसीएसयू के कॉलेजों से बीएड करने आते हैं। लेकिन पिछले सत्र में भी करीब 20 हजार सीट खाली रह गई हैं। कॉलेज इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पिछले साल की तरह इस बार भी सीट खाली न रह जाएं।
ऑफर की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक कॉलेज सीट भरने के लिए ऑफर देने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ इंजीनियरिंग कॉलेजों ने पिछले साल भी दाखिले के बदले लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल और फीस में छूट जैसे ऑफर दिए थे। इस बार भी ऐसे ऑफर छात्रों दिए जा सकते हैं। वहीं बीएड कॉलेज भी ऑफर को लेकर तैयारी कर रहे हैं। अवैध वसूली के लिए बदनाम हुए कॉलेजों ने पिछले सत्र में बाकायदा पंफलेट छापकर जानकारी दी थी कि फीस के अलावा कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। कुछ ने तो फीस घटा भी दी थी। इस बार भी ऐसा हो सकता है।