मेरठ। सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक कार्य करने के मामले में हाईकोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेशों के चलते व्यापारियों में खलबली मची है। इस संबंध में आवास-विकास परिषद द्वारा व्यापारियों को रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए नोटिस भी मिलने शुरू हो गए हैं।
आवास विकास के अधिशासी अभियंता दीप गुप्ता के अनुसार हाईकोर्ट के आदेशानुसार बृहस्पतिवार को आवास आयुक्त धीरज साहू ने इस मामले के याचिकाकर्ताओं को सुनवाई के लिए बुलाया था। जिसमें वे अधीक्षण अभियंता एसपीएन सिंह के साथ मुख्यालय गए थे। दीप गुप्ता के अनुसार एक याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष एक पत्र के जरिये आवास आयुक्त को भिजवा दिया है। आयुक्त ने अब 12 सितंबर को प्रभावित व्यापारियों को सुनवाई के लिए बुलाया है। उस दिन आवास विकास मुख्यालय में मध्याह्न तीन बजे आयुक्त व्यापारियों का पक्ष सुनेंगे। इससे प्रभावित व्यापारी उस दिन अपने तथ्य और प्रमाण के साथ आयुक्त के यहां जाकर अपना पक्ष रख सकते हैं।
बीच का रास्ता निकालने की कवायद
इस प्रकरण में अब सेंट्रल मार्केट के व्यापारी भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के जरिये शासन पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। व्यापारी चाहते हैं कि शासन पूर्व व्यवस्था में संशोधन कर उन्हें राहत देने का बीच का कोई रास्ता निकाले। व्यापारियों का तर्क है कि व्यापारी वर्ग हमेशा भाजपा के साथ रहा है। जिले में भी एक विधायक को छोड़ सांसद और सभी विधायक भाजपा के हैं। लिहाजा उनके माध्यम से शासन पर दबाव बना रहे हैं। सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ अध्यक्ष किशोर वाधवा ने बताया कि उन्होंने इस मामले पर कोर्ट के आदेश और तमाम दस्तावेज को भाजपा महानगर अध्यक्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री को ई-मेल कराए हैं। मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। समय मिलते ही उनसे मिलकर पूरा मामला सामने रखा जाएगा। अधिशासी अभियंता दीप गुप्ता के अनुसार हाईकोर्ट के आदेशों का हर हाल में पालन कराया जाएगा। आदेश के अनुपालन में व्यापारियों को नोटिस भेजे गए हैं।