हस्तिनापुर विधायक ने डीएम मेरठ से शिकायत कर पैमाइश दुरुस्त कराने का ग्रामीणों को दिया आश्वासन
मवाना तहसील के गांव शिवनगर और कालीनगर के ग्रामीणों में हड़कंप
दोनों गांवों के जिले का निर्धारण पर सर्वे ऑफ इंडिया का निर्णय अंतिम होगा
शरद गुप्ता
मवाना(मेरठ)। खादर क्षेत्र में सीमा विवाद के बीच दूसरे विवाद ने अब जगह बना ली है। मवाना तहसील के दो गांव अमरोहा जिले की धनौरा तहसील में जाने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में बेचैनी है। वहीं, इस मामले को लेकर हस्तिनापुर विधायक ने डीएम से शिकायत कर पुन: पैमाइश कराने की मांग की है।
यह है विवाद
अमरोहा जिले की धनौरा एवं मेरठ जिले की मवाना तहसील के बीच गंगा किनारे खादर की जमीन को लेकर वर्षों से विवाद है। दरअसल गंगा के कभी अमरोहा जिले तो कभी मेरठ जिले की सीमा की ओर बहने से यह विवाद उपजा है। यहां पिलर लगाने को लेकर कोई नतीजा नहीं निकलने पर सर्वे ऑफ इंडिया को बीच में आना पड़ा। इस विवाद को लेकर दोनों तहसील के राजस्व अधिकारी एवं लेखपाल कई बार नक्शों का मिलान कर चुके हैं। बीती 21 जनवरी को दोनों तहसील के लेखपाल इस बाबत सर्वे ऑफ इंडिया को अपने-अपने नक्शे सौंप चुके हैं। अब सर्वे ऑफ इंडिया जीपीएस के माध्यम से चिह्निकरण करेगा। इसके बाद यहां पिलर लगाकर विवाद खत्म किया जाएगा। अभी तक मेरठ जिले के 9 व अमरोहा जिले के 17 गांव सीमा विवाद के चलते प्रभावित हैं।
दो गांव धनौरा तहसील में जाने की ओर
सीमा विवाद के बीच अब मवाना तहसील एवं हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के दो गांव शिवनगर एवं कालीनगर अब धनौरा तहसील में शामिल होने के कगार पर हैं। दरअसल धनौरा तहसील के लेखपालों ने पैमाइश के दौरान इन गांवों को अमरोहा जिले के रायबा नगलीपुर गांव की सीमा में बताकर अपना दावा मजबूर करने की कोशिश की है। जिस पर इन दोनों गांवों को अमरोहा जिले की धनौरा तहसील में शामिल होने संभावना बढ़ गई है। वहीं, मवाना तहसील के राजस्व अधिकारी पैमाइश के आधार पर इन दोनों गांवों को अपनी सीमा में होने का दावा कर रहे हैं। दोनों गांव धनौरा तहसील में शामिल किए जाने की आशंका के चलते यहां के ग्रामीणों में हड़कंप है।
विधायक ने डीएम से की शिकायत
मवाना तहसील के शिवनगर व कालीनगर गांव के धनौरा तहसील में जाने की बाबत ग्रामीणों ने शिकायत हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक से की। इस मामले की जानकारी पाकर ग्रामीणों में बेचैनी है। वहीं, हस्तिनापुर विधायक ने इस संबंध में एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव से बात की। इसके बाद जांच सही नहीं होने पर शिकायत डीएम से करके पुन: पैमाइश कराने की बात कही।
गेंद सर्वे ऑफ इंडिया के पाले में
सीमा विवाद तो चिह्निकरण कर पिलर लगाने के बाद समाप्त हो जाएगा परंतु दोनों गांव किस तहसील में रहेंगे। इस संबंध में सर्वे ऑफ इंडिया का निर्णय अंतिम होगा। फिलहाल धनौरा तहसील द्वारा की गई पैमाइश में दोनों गांव धनौरा तहसील के रायबा नगलीपुर गांव में जाते दिखे दे रहे हैं। वहीं, मवाना तहसील के अधिकारी भी पैमाइश के दौरान दोनों गांव अपनी ओर होने का दावा रहे हैं। इससे दोनों गांवों के ग्रामीणों की सांसें अटकी हुई हैं। वहीं, राजस्व अधिकारियों को तहसील के दो गांव हाथों से निकल जाने का डर सता रहा है।
शिवनगर व कालीनगर गांव पर धनौरा तहसील के राजस्व अधिकारी दावा जता रहे हैं। ये दोनों गांव हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। किसी भी कीमत पर दोनों गांव को धनौरा तहसील में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। इस मामले की शिकायत डीएम से की गई है। वहीं, मुख्यमंत्री से मुलाकात करके समस्या के समाधान की मांग की जाएगी। -दिनेश खटीक, विधायक हस्तिनापुर
दोनों तहसील के अधिकारी इन दोनों गांवों को अपनी-अपनी सीमा में होने का दावा रहे हैं। अब सर्वे ऑफ इंडिया के चिह्निकरण के बाद ही तय होगा कि ये दोनों गांव किस तहसील में शामिल होंगे। फिलहाल दोनों गांव मवाना तहसील अंतर्गत हैं। -अशोक कुमार गुप्ता, तहसीलदार मवाना
लेखपालों ने पैमाइश के आधार पर उक्त दोनों गांवों को अमरोहा जिले की धनौरा तहसील अंतर्गत बताया है। इस बाबत नक्शे सर्वे ऑफ इंडिया को सौंप दिए गए हैं। उसके अधिकारियों का निर्णय ही अंतिम होगा। -राकेश कुमार, तहसीलदार धनौरा, अमरोहा