मेरठ सेफ सिटी परियोजना के तहत शासन को 70.36 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए थे। जिसके संबंध में शासन से प्रस्ताव को संशोधित कर 25 से 30 करोड़ के बीच पुनरीक्षित कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना को समय अंतर्गत संचालित किया जा सके।
सेफ सिटी परियोजना में शासन ने 30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मान लिया है। अपर आयुक्त चैत्रा वी. ने इसको लेकर बुधवार को अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सभी विभागों से सोमवार तक संशोधित प्रस्ताव देने कहा। मेरठ में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सेफ सिटी परियोजना के तहत तमाम कार्य होने हैं।
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इनमें सिटी बसों में कैमरे, सड़कों पर उचित प्रकाश, पिंक बूथ, पिंक पेट्रोल, आशा ज्योति केंद्र, पिंक टॉयलेट, ब्रेस्ट फीडिंग सेंटर आदि शामिल हैं। सेफ सिटी परियोजना के तहत शासन को 70.36 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए थे। जिसके संबंध में शासन से प्रस्ताव को संशोधित कर 25 से 30 करोड़ के बीच पुनरीक्षित कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना को समय अंतर्गत संचालित किया जा सके।
इसको लेकर अपर आयुक्त चैत्रा वी. ने सभी संबंधित विभागों को प्रस्ताव में सम्मिलित कार्यों पर पुनर्विचार कर कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करते हुए प्रस्ताव बनाने को कहा। परियोजना में पुलिस विभाग के प्रस्ताव अधिक है, ऐसे में एसपी ट्रैफिक को निर्देश दिए गए कि पुलिस विभाग द्वारा 12 से 15 करोड़ की सीमा में प्रस्तावों को पुनरीक्षित कराया जाए।
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सभी विभागों को पुनरीक्षित प्रस्ताव सोमवार तक परियोजना के नोडल अधिकारी नगर आयुक्त मेरठ को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त प्रस्तावों को संकलित कर तीन दिन के भीतर मंडलायुक्त के माध्यम से शासन को भिजवाएंगे।