डेंगू के 28 नए मरीज मिले, सक्रिय मरीजों की संख्या हुई 156
18 घरों में मिला लार्वा, दिए गए नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। डेंगू के सोमवार को 28 नए मरीज मिले। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 374 हो चुकी है। इनमें 156 सक्रिय मरीज हैं। 70 अस्पतालों में भर्ती हैं और 86 घर पर रहकर इलाज करा रहे हैं, जबकि 218 ठीक हो चुके हैं।
नए मरीज खरखौदा, मवाना, रजपुरा, सरधना, सरूरपुर, भूड़भराल, अब्दुल्लापुर, कुंडा, मलियाना, नंगला बट्टू, पल्हेड़ा, रजबन और शकूरनगर के रहने वाले हैं। मलेरिया विभाग की टीम द्वारा घर-घर किए जा रहे सर्वे अभियान में कंकरखेड़ा, कसेरू बक्सर, नंगला बट्टू, साबुन गोदाम और ट्रांसपोर्टनगर के 13 घरों में लार्वा मिला है, यहां नोटिस दिए गए हैं। लार्वा फ्रिज के पीछे प्लेट, टायरों, कूलर और गमलों आदि में पड़ा है। छत और पार्क में पेड़ों पर लगाए गए जल पात्रों में भी लार्वा मिला है। अब तक 433 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि इन स्थानों पर मलेरिया विभाग कंटेनर सर्वे, एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिग करा रहा है। लोग लापरवाही बरत रहे हैं, जो घातक साबित हो सकती है। एहतियात की जरूरत है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर 180 बेड तैयार
डेंगू के मरीज अब 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और तीन फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में भर्ती करा सकते हैं। यहां मच्छरदानी लगे 180 बेड की व्यवस्था की गई है। सीएचसी पर 10-10 बेड हैं और एफआरयू पर 20-20 बेड की व्यवस्था की गई है। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया है।
कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला
सोमवार को 4263 लोगों के सैंपलों की जांच की गई, जिनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है। कोरोना के दो सक्रिय केस हैं, जिनमें से एक अस्पताल में भर्ती है और एक होम आइसोलेशन में हैं। किसी मरीज की छुट्टी नहीं हुई है। जिले में अब तक कोरोना के 66014 लोग मिल चुके हैं। ब्लैक फंगस का भी कोई मरीज नहीं मिला है।
स्क्रब टाइफस का एक संदिग्ध मरीज मिला
मेरठ। स्क्रब टाइफस का एक संदिग्ध मरीज मिला है। निजी लैब में उसे इसकी पुष्टि हो चुकी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुष्टि के लिए सैंपल मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजा जाएगा। वहां से पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद ही स्क्रब टाइफस का मरीज माना जाएगा। इससे पहले जिले में स्क्रब टाइफस पीड़ित दो महिलाएं मिल चुकी हैं। ये बीमारी ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी बैक्टीरिया के कारण होती है। घुन, छोटे कीट, गिलहरी और चूहे के काटने से यह फैलता है। बरसात के मौसम में इनसे बचाव करें। समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी बढ़ सकती है।
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