रोहटा। बजाज शुगर मिल किनौनी ने गत वर्ष के गन्ने का बकाया भुगतान 182 करोड़ रुपये अदा करने के बाद रविवार को अपने 20वें पेराई सत्र का हवन पूजन करने के बाद शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी व पूर्व एमएलसी चौधरी जगत सिंह ने किसानों के साथ मिल की चेन में गन्ना डालकर नए पेराई सत्र का शुभारंभ किया।
किनौनी चीनी मिल प्रबंध तंत्र ने गत सीजन में 1.78 करोड़ क्विंटल गन्ने की खरीद कर 11 प्रतिशत की औसत रिकवरी पर साढे 18 लाख क्विंटल चीनी के बोरों का उत्पादन कर रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन गन्ने का भुगतान अदा नहीं करने के चलते चीनी मिल के खिलाफ क्षेत्र के किसान कई माह से लामबंद होकर जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक धरना प्रदर्शन व आंदोलन कर भुगतान की मांग कर रहे हैं। किसाना गांवों में गन्ना केंद्र तक नहीं लगाने दे रहे हैं।
किसानों ने चेतावनी दी थी कि बकाया भुगतान नहीं किया तो 29 अक्तूबर को चीनी मिल नहीं चलने देंगे। किसानों के उग्र तेवर देख मिल के शुभारंभ से एक दिन पहले शनिवार को प्रदेश सरकार और चीनी मिल प्रबंधन ने संयुक्त रूप से समस्या का निदान करते हुए 182 करोड़ रुपये गन्ना समितियां को भेजकर किसानों के दर्द पर मरहम लगाने का काम किया।
रविवार को मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य गौरव चौधरी और पूर्व एमएलसी चौधरी जगत सिंह ने किसानों के साथ चेन में गन्ना डालकर पेराई सत्र का शुभारंभ किया। मिल के इकाई प्रमुख केपी सिंह का कहना है कि किनौनी मिल ने मंडल में सबसे पहले अपना पेराई सत्र शुरू किया है। बकाया 70 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान नवंबर के अंतिम सप्ताह तक किसानों को अदा किया जाएगा। नए सत्र का भुगतान भी जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मिल प्रबंधन ने इस सीजन में दो करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा है। इसी के मद्देनजर मिल प्रबंध तंत्र ने मंडल में सबसे पहले मिल चालू करने का निर्णय लिया है।
इस मौके पर गन्ना महाप्रबंधक जयवीर सिंह, एचआर जोनल हेड पंकज पंवार, पंडित डोरीलाल, लोकेंद्र चेयरमैन, महकार सिंह, कुंवर मोहम्मद अली चेयरमैन हर्रा, सुरेंद्र मेजर, भोपाल सिंह, नेपाल मलिक, कुलदीप हुड्डा, अशोक प्रधान, नीरज सिंह, बेगराज किनौनी, बिजेंद्र प्रधान, ओमकार मलिक, सुभाष डालमपुर आदि रहे।