मेरठ। सोफिया गर्ल्स स्कूल कैंट में पुरातन छात्रा सम्मेलन का आयोजन हुआ। सोफिया ओल्ड गर्ल्स एसोसिएशन ऑफ मेरठ (सोगम) की ओर से यह आयोजन हुआ। स्कूल की पुरानी यादें ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म की तरह आंखों के सामने चलने लगी। स्कूल में हुए झगड़ोें ने यादों के झरोखे में भावुकता का रस भरा तो टिफिन, बोतल की साझेदारी ने यादेें ताजा कर दीं।
रिफ्लेकशंस 2017 के नाम से आयोजित सम्मेलन वुमन ऑफ सब्सटेंस थीम पर हुआ। शुभारंभ स्कूल प्रिंसिपल सिस्टर लूसी जैकब, कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष एवं स्कूल की पुरानी छात्रा बीना वाधवा ने किया। अध्यक्ष डॉ. श्रुति सहगल, उपाध्यक्ष शालिनी प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष शीतल खन्ना, सह सचिव सोनम महाजन, सचिव डॉ. मनीषा तोमर, प्रीति बाजवा, डॉ. मीतू सिंह, अर्चना चड्डा और चारु सिंह ने सभी का स्वागत किया। पुरातन छात्रा व सोगम की पदाधिकारी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा तोमर ने सरस्वती वंदना हम बंदों पर करम करना माता सुनाई। 2011 बैच की छात्रा वारा एवं बसरा ने शास्त्रीय नृत्य धाए श्याम छेड़ दई की प्रस्तुति दी। सोगम की डायरेक्टरी रिफलेक्शंस का विमोचन हुआ। जूनियर सोनू निगम रवि सागर ने नगमे सुनाए। गीत हर घड़ी बदल रही है रूप जिंदगी पर सभी छात्राएं थिरकने लगंी और पुराने दिनों को याद किया। रॉक बैंड रिफलेक्शंस ने फास्ट बीट सुनाकर सभी का मनोरंजन किया। छात्राओं ने गेम्स का भी आनंद लिया और स्टॉल भी देखे। सोफिया गीत भी गाया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. मृणालिनी, मदिहा शाह रसूल, गरिमा मित्तल, डॉ. विरोत्तम तोमर, एनुद्दीन शाह, मिर्जा बेग, क्षितिज माथुर, रेनू भटनागर, प्रीति गौतम, कल्पना तनेजा, सोनम महाजन, शीतल खन्ना, डॉ. मीतू सिंह चारु सिंह ने सहयोग दिया। संचालन स्कूल की शिक्षिका अर्चना चड्ढा और अमरप्रीत बाजवा ने किया।
बहुत आगे बढ़ो, खूब नाम करो
सोफिया की वर्तमान प्रिंसिपल सिस्टर लूसी जैकब ने वर्तमान छात्राओं के साथ पुरातन छात्राओं के इस समारोह की प्रशंसा की। कहा यह सोफिया के अनुशासन और पढ़ाई का प्रताप है कि यहां की छात्राएं देश ही नहीं विदेशों में सक्रिय हैं। सोफियंस अपनी मेहनत के बल पर लगातार आगे बढ़ें और बढ़ती रहें यही कामना ईश्वर से करते हैं।
मेधावी छात्राएं हुईं सम्मानित
आयोजन में सोगम क ी पदाधिकारियों ने स्कूल में 2016-17 बैच की मेधावी छात्राओं क ो सम्मानित किया। शगुन चड्डा, यशी सक्सेना, गौरी मल्होत्रा को सम्मानित किया गया।
सोगम से जुड़ी हैं 1300 छात्राएं
सोगम की अध्यक्ष डॉ. श्रुति सहगल ने अपने भाषण में कहा कि छह सालों से अधिक वक्त हो चुका जब से सोगम हर साल पुरातन छात्रा सम्मेलन करता है। दूसरे शहरों से एक्स सोफियंस आकर आयोजन में शामिल होकर अपने पुराने दिनों को याद करती हैं। 1300 छात्राएं सोगम से जुड़ चुकी हैं।
सबसे पुरानी छात्रा बनी चंद्रलेखा जैन
सेंट जोंस सीनियर सेकेंड्री स्कूल की प्रिंसिपल चंद्रलेखा जैन सोगम समारोह में सबसे पुरानी छात्रा के रूप में पहुंची। वूमन ऑफ सब्सटेंस का खिताब दिया गया। 1977 बैच में सोफिया गर्ल्स स्कूल से पासआउट चंद्रलेखा जैन बाद में सोफिया में अंग्रेजी की शिक्षिका बनी। इन दिनों सेंट जोंस स्कूल की प्रिंसिपल हैं। आयोजन में गेस्ट ऑफ ऑनर रहीं। चंद्रलेखा जैन ने बताया कि उनकी माताजी भी सोफिया गर्ल्स स्कूल में शिक्षिका रही हैं।
भारतीय शिक्षा पद्धति में प्रैक्टिकल की कमी
आयोजन में आस्ट्रेलिया, लंदन व अमेरिका से शामिल होने पहुंची पुरानी छात्राओं ने विदेशी शिक्षा पद्धति और भारतीय शिक्षा पद्धति में काफी भिन्नता बताई। आस्ट्रेलिया से आई गुरविंदर ने कहा विदेशी शिक्षा में प्रैक्टिकल जानकारी अधिक है, भारतीय शिक्षा पद्धति में थ्योरी अधिक है। लंदन से आई शिवानी ने कहा भारतीय शिक्षा में सुधार की बहुत जरूरत है।
सशक्तिकरण के लिए सम्मानित हुईं ये नारियां
वुमन ऑफ सब्सटेंस थीम पर आयोजित समारोह में सशक्त नारियों को सम्मानित किया गया।1977 बैच से सेंट जोंस स्कूल की प्रिंसिपल चंद्रलेखा जैन, 1975 बैच की पूनम जुनेजा, 1979 बैच की डॉ. अंजना शर्मा, 1980 की डॉ. जसजीत कौर, 1982 की कल्पना जैन, पारुल कुमार, 1983 की मदिहा शाह रसूल, शुभ्रा सिंह, 1985 की मीता सिंह, शिवांगी त्यागी, डॉ. मनी प्रभा, 1986 बैच की छात्रा कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा, 1987 गरिमा मित्तल, अभिनेत्री अचिंत कौर, डॉ. अनुराधा कुसुम, 1988 डॉ. मृणालिनी मधुलिका, पारुल चंद्रा, 1989 अपराजिता लूथरा, सोना आनंद, सोनाली जेदका कनोजिया, 1990 रचिता सोंधी, 1991 डॉ. रुचि गुप्ता, डॉ. रुचिरा गर्ग, 1992 सिम्मी गाबा, सोनाली बहती, 1993 नमिशा रस्तोगी, 1995 बैच से आराधना शर्मा, अर्निका दीक्षित, मेघा जैन सेठ,पायल अग्रवाल, पियुषा भार्गव, सोनाली कटारिया, श्वेता जैन, 1996 गुरविंदर कौर, स्मिता सूरी आनंद, 1998 सुमेधा रस्तोगी, तुषिता जैन, अदिति खुराना, 1999 गुंजली सिंह, कीर्ति गोयल, नम्रता बिजी अहूजा, 2000 डॉ. प्रियंका जैन, 2002 डॉ. देविका सिरोही, 2005 रिचा गोयल वाधवा को सम्मानित किया गया।
बातचीत--
आस्ट्रेलिया से आयोजन के लिए आई
1996 बैच की छात्रा हूं और आस्ट्रेलिया से शिक्षिका हूं। आयोजन में शामिल होने के लिए आई हूं। मेरा परिवार डिफेंस कालोनी में रहता है। 5 साल बाद पहले सोगम में आई थी, आज सारी पुरानी टीचर्स, फ्रैंड्स से मिलकर अच्छा लग रहा है। पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। -गुरविंदर कौर
1985 की हेडगर्ल थी
1985 बैच की छात्रा थी और स्कूल हेडगर्ल रही। स्कूल छोड़ने के बाद आज पहली बार स्कूल आई हूं, बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। सब पुरानी यादें एकदम फिल्म की तरह सामने तैर रही हैं। इन दिनों दिल्ली में चीज़ एंड चोकोस का कारोबार करती हूं। -शिवानी शर्मा
सोफिया के अनुशासन ने बनाई जिंदगी
1985 बैच की छात्रा रही हूं, दिल्ली से इस आयोजन में भाग लेने आई हूं। जबसे स्कूल छोड़ा है तबसे आज दोबारा स्कूल में कदम रखा है। सारे पुराने दिन याद आ रहे हैं। अपने बैच में अंग्रेजी की टीचर भटनागर मैम सबसे ज्यादा याद आती हैं। -सोनिया कुमार आहूजा
अब हर साल आऊंगी सोगम मनाने
मैं स्कूल में 1985 में पासआउट हुई हूं। हमारा परिवारमाल रोड पर रहता था। आज पहली बार सोगम के आयोजन में आई हूं। लंदन मैं रहती हूं, जब सहेलियों ने सोशल मीडिया पर मुझे सोगम की जानकारी दी तो आने से खुद को रोक नहीं सकी। -दीपाली