अधिकारियों ने बाल विवाह रुकवाया
खरखौदा। क्षेत्र के एक गांव में एक मजदूर के तीन बेटियां हैं। परिजनों ने दस वर्षीय पुत्री की पढ़ाई रुकवाकर उसके विवाह की तैयारी कर दी। इसकी जानकारी पाकर चाइल्ड हेल्पलाइन व जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। बच्ची से जानकारी करने के बाद परिजनों को ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी। वहीं, परिजनों से इस बाबत लिखित में ले लिया है।
क्षेत्र के एक गांव में एक मजदूर रहता है। वह मेहनत करक ेपरिवार का पालन पोषण कर रहा है। उसके तीन बेटियां हैं। जिसमें बड़ी बेटी दस वर्ष की है। वह सरकारी विद्यालय में कक्षा सात में पढ़ाई कर रही है। मजदूर ने उसका विवाह तय कर दिया। ग्रामीणों ने सोमवार को इसकी जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन को दी। जिसमें जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी दीपिका भटनागर के नेतृत्व में आशा ज्योति केंद्र व चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम पुलिस के साथ उक्त गांव में पहुंची। जहां परिजनों ने बताया कि रोजगार का कोई उचित साधन नहीं होने तथा पास के ही गांव में उचित वर मिलने के कारण उन्होंने बेटी का विवाह तय कर दिया है। 20 जून को बारात आनी है। अधिकारियों ने बच्ची से अलग कमरे में ले जाकर बातचीत की तो उसने विवाह न कराने तथा आगे पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जर्ताई। आधार कार्ड एवं कक्षा पांच के शैक्षिक प्रमाण पत्र में बच्ची की उम्र दस वर्ष पाई। वहीं, जानकारी मिली कि बरात लेकर आने वाले दूल्हे की उम्र 15 वर्ष है। जिसमें बाल संरक्षण अधिकारी ने परिजनों को चेतावनी दी कि लड़की का विवाह 18 वर्ष व लड़के का विवाह 21 वर्ष से कम आयु में न करें। अधिकारियों ने परिजनों से लिखित में भी ले लिया है।
नहीं पता बाल विवाह का मतलब
बाल विवाह की सूचना पाकर टीम के सदस्य बच्ची के घर पहुंचे। अधिकारियों ने बच्ची के विवाह के बारे में पूछा तो परिजनों ने बेखौफ बता दिया। उन्होंने कहा कि वे लोग विवाह की तैयारी कर रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने बच्ची को नाबालिग बताया तथा बाल विवाह को अपराध बताया। इस बाबत परिजनों ने कहा कि उनकी बेटी है वे जब चाहे उसका विवाह कर सकते हैं। इस पर टीम ने ऐसा करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
वर्जन
बच्ची के परिजनों को चेतावनी दे दी है। उन्होंने यदि कम उम्र में उसका विवाह किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -दीपिका भटनागर, जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी मेरठ