चुनाव के लिए 1600 वाहनों का होगा अधिग्रहण, नोटिस जारी
मेरठ। आगामी 10 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए परिवहन विभाग 1600 वाहनों का इंतजाम करेगा। इनमें 700 बसें और 900 अन्य वाहन होंगे। इस व्यवस्था के लिए बसों और निजी वाहनों के स्वामियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुछ निजी वाहन स्वामियों का कहना है कि प्रशासन किराये के वाहनों का इस्तेमाल कर सकता है।
विभाग की ओर से प्राइवेट बसों के साथ ही स्कूल बसों को भी अधिग्रहण के नोटिस दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही निजी गाड़ी मालिकों को भी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-160 के अधीन हल्के व भारी वाहन के अधिग्रहण आदेश के तहत नोटिस दिए गए हैं। नोटिस में लिखा गया है कि वाहन नहीं देने की स्थिति में स्वामी को एक साल की जेल या अर्थदंड या फिर दोनों दिया जा सकता है।
रजबन निवासी मनोज चावला ने बताया कि उन्हें 12 जनवरी को भेजा गया नोटिस मिला है। इसमें सात फरवरी सुबह सात बजे तक कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में गाड़ी वाहन प्रभारी को ले जाकर देने के लिए कहा गया है। गाड़ी पर चालक भी मांगा गया है। मनोज ने बताया कि उनकी मां की हाल ही में हार्ट की सर्जरी हुई है। उन्हें हर तीसरे दिन एम्स दिखाने ले जाना पड़ता है। नौ जनवरी को भी लेकर जाना है। कंकरखेड़ा के रामनगर निवासी विवेक, शास्त्रीनगर निवासी अरुण, गंगानगर पार्क व्यू कालोनी के अमित कुमार को भी गाड़ी के लिए नोटिस मिला है।
विधानसभा चुनाव में मतदान कर्मियों, अधिकारियों के लिए बसों और गाड़ियों की जरूरत होती है। प्रशासन की तरफ से करीब 1600 वाहनों की मांग की गई है। लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत ही वाहनों का अधिग्रहण करने हेतु नोटिस दिए जा रहे हैं। सात फरवरी को छोटी गाड़ी और आठ फरवरी को बस उपलब्ध कराकर देनी है। - हिमेश तिवारी, आरटीओ मेरठ