पांच जिले की दमकल ने फेंका 15 लाख लीटर पानी
- फैक्टरी में अंदर आग सुलगती रही, बाहर पानी फेंकते रहे फायरकर्मी
- डीएम-एसएसपी ने नाराजगी भी जताई, लोगों का साहस भी बंधाया
मेरठ।
फैक्टरी में सुबह 8:30 बजे लगी आग शाम 7:30 बजे तक सुलगती रही। फैक्टरी में अंदर-अंदर आग फैलती रही और पांच जिले की फायरब्रिगेड बाहर से पानी फेंकती रही। सारा सामान जलने के बाद आग धीमी पड़ी। मौके पर पहुंचे डीएम व एसएसपी ने रिहायशी इलाके में स्पोर्ट्स फैक्टरी चलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्थानीय लोगों का साहस भी बंधाया। दमकल वाहन अंदर नहीं जा पाए तो लगातार पाइपों के जरिये पानी फैक्टरी तक पहुंचाया गया। फायरब्रिगेड ने बताया कि करीब 150 गाड़ियां में भरकर पानी आया। एक गाड़ी में औसतन 10 हजार लीटर पानी आता है। इस हिसाब से 15 लाख लीटर पानी फेंका गया।
जूझे फायरकर्मी, नहीं हटी रैक
एफएसओ संजीव कुमार ने बताया कि आग बुझाने में फायरकर्मियों को काफी परेशानी आई। मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर और बागपत से फायरकर्मियों को बुलाया गया था। तंग गली होने के चलते आग को ठीक से कवर नहीं किया जा सका। दूर से पाइपों के जरिये पानी लाया गया। इस कारण आग बुझाने में 11 घंटे लगे। उन्होंने बताया कि फैक्टरी के गेट से थोड़ा हटके रैक लगी हुई थी, जिसमें लोवर और टी-शर्ट थी। पानी लोहे की रैक पर जाता रहा और आग अंदर अंदर सुलगती रही। आग कम होने पर रैक को हटाया गया। तब जाकर आग पूरी तरह बुझी। सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के मकानों को कवर किया गया था। फैक्टरी के अलावा दूसरा नुकसान फायरकर्मियों ने बचा लिया।
कई बार खत्म हुआ पानी
आग बुझाने के दौरान कई बार पानी खत्म हुआ। पानी खत्म होने ही आसपास के लोग चिल्लाने लगते थे। मेरठ फायरब्रिगेड की 15 गाड़ियां लगी थीं। पुलिस लाइन के अलावा दूसरी जगहों से भी पानी लाने की व्यवस्था थी। इसके बावजूद पानी की परेशानी आती रही।
बिल्डिंग में दरार, खतरे में लोग
फैक्टरी की बिल्डिंग में चारों तरफ से दरार आ गई। इसको लेकर आसपास के लोगों को खतरा बना है। लोगों ने बताया कि पांच-छह साल से रिहायशी इलाके में फैक्टरी चल रही है। इसकी कोई जांच करने नहीं आया। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि इस फैक्टरी की एनओसी नहीं है।
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एमडीए और नगर निगम को चिट्ठी लिखी गई है। दूसरे जगह चल रही रिहायशी इलाके में फैक्टरी की रिपोर्ट भी मांगी गई है। इस फैक्टरी मालिक पर कार्रवाई की जाएगी। जवाब मांगा गया है।
अनिल ढींगरा, डीएम
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फायरब्रिगेड ने काफी मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पाया है। तंग गली व रिहायशी इलाके में फैक्टरी चलने की जांच प्रशासन करेगा। फायरब्रिगेड द्वारा फैक्टरी मालिक को नोटिस भेजा जाएगा। मानकों के विरुद्ध चलने वाली फैक्टरी या कोचिंग सेंटरों की जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी।
प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन