मेरठ में पंचायत चुनाव को 150 अपराधी प्रभावित कर सकते हैं। इनके साथ ही अन्य अपराधियों को गिरफ्त में लेने के लिए एडीजी और आईजी ने पुलिस अफसरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
एडीजी राजीव सभरवाल ने शुक्रवार को बैठक की। इस दौरान बताया गया कि पांच साल पहले पंचायत चुनाव में खूनखराबा करने वाले बदमाशों सहित अन्य अपराधियों की सूची तैयार की गई है। एडीजी ने कहा कि मतदान से पहले जितने अपराधियों तक टीमें पहुंच सकती हों, उन्हें गिरफ्त में ले लिया जाए।
जिले में 26 अप्रैल को मतदान होना है। इससे पहले भी पुलिस की ओर से अपराधियों को नोटिस दिए गए थे। शुक्रवार को भी अपराधियों की तलाश में दबिश दी गईं। मगर ज्यादातर अपराधी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं और वे चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। पुलिस ने प्रत्याशियों को भी चेतावनी दी है कि जो भी अपराधियों को साथ लेकर घूमेगा या फिर उसका सहयोग लेगा तो प्रत्याशी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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इसके अलावा आला अफसरों ने मतदान संपन्न होने तक अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी करने वाले माफिया पर अतिरिक्त निगरानी के लिए भी निर्देश दिए हैं। सभी थानों की पुलिस टीमों के साथ ही आबकारी विभाग के साथ मिलकर इसके लिए कार्रवाई करने को कहा गया है। दरअसल, जिले में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की ओर से वोटरों को लुभाने के लिए शराब बांटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में कुछ प्रत्याशी तक को जेल भेजा गया है।
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