सर्पदंश का जहर शरीर में तेजी से फैल रहा था, इसलिए डॉक्टरों ने बच्चे को तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। करीब दो दिनों तक इलाज जारी रहा और आखिरकार उसकी स्थिति में सुधार आने लगा। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर हटाकर सामान्य इलाज शुरू किया। अब सिद्धांत खतरे से बाहर है और पूरी तरह ठीक हो रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण है समय पर इलाज। एंटी-स्नेक वेनम का तुरंत प्रयोग रोगी की जान बचाने में कारगर साबित होता है। सिद्धांत का केस इसका जीता-जागता उदाहरण है।