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Meerut: सर्पदंश से जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था गाजियाबाद का सिद्धांत, मेरठ मेडिकल की टीम ने बचाई जान

Fri, 26 Sep 2025 12:06 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

गाजियाबाद के 14 वर्षीय सिद्धांत को सर्पदंश के बाद मेरठ मेडिकल लाया गया। दो दिन वेंटिलेटर पर रखने के बाद डॉक्टरों की टीम ने एंटी-स्नेक वेनम और उपचार से उसकी जान बचाई। अब उसकी स्थिति सामान्य है।

 

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सिद्धार्थ के साथ मेडिसिन विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद जिले में सर्पदंश की एक घटना ने 14 वर्षीय सिद्धांत के जीवन को संकट में डाल दिया था। घर के बाहर खेलते समय उसे सांप ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत मेरठ मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे।

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मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार (एमडी) और डॉ. विवेक के. ऋषि (एमडी) की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। इमरजेंसी वार्ड में ही सिद्धांत को एंटी-स्नेक वेनम और अन्य जरूरी इंजेक्शन लगाए गए।

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सर्पदंश का जहर शरीर में तेजी से फैल रहा था, इसलिए डॉक्टरों ने बच्चे को तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। करीब दो दिनों तक इलाज जारी रहा और आखिरकार उसकी स्थिति में सुधार आने लगा। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर हटाकर सामान्य इलाज शुरू किया। अब सिद्धांत खतरे से बाहर है और पूरी तरह ठीक हो रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण है समय पर इलाज। एंटी-स्नेक वेनम का तुरंत प्रयोग रोगी की जान बचाने में कारगर साबित होता है। सिद्धांत का केस इसका जीता-जागता उदाहरण है।

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