सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में शुरू होंगे 14 नए कोर्स
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवबंद में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत 14 नए कोर्स शुरू होंगे। शुक्रवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इन कोर्सों पर मुहर लग गई। छात्र-छात्राओं को इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से तैयार करने के लिए एनसीआर की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के साथ एमओयू करने का भी निर्णय लिया गया है।
एकेडमिक काउंसिल की ऑनलाइन बैठक कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि एमसीए पाठ्यक्रम अब विज्ञान संकाय के अंतर्गत चलाया जाएगा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवबंद में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत वाणिज्य विभाग द्वारा स्नातक स्तरीय कौशल विकास के लिए छह नए कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनमें इंट्रोडक्शन टू म्युचअल फंड पार्ट -1, इंट्रोडक्शन टू म्युचअल फंड पार्ट-2, इंट्रोडक्शन टू शेयर मार्केट पार्ट-1, इंट्रोडक्शन टू शेयर मार्केट पार्ट-2 इंट्रोडक्शन टू ई-रिटर्न एवं इंट्रोडक्शन टू टेक्सटाइल मैनेजमेंट कोर्स शामिल हैं।
कैंपस में उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति 2019 तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नियम-अधिनियम के अनुरूप सीसीएसयू के जेनेटिक एंड प्लांट ब्रीडिंग विभाग में सत्र 2022-23 से पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी में दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिग्री तथा एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया। दोनों पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें होंगी।
कैंपस के भौतिक विज्ञान विभाग में एमएससी स्पेशलाइजेशन इन ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स, एमएससी स्पेशलाइजेशन इन नैनो साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी, एमएससी स्पेशलाइजेशन इन एप्लाइड सॉलिड स्टेट फिजिक्स कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया। सर छोटूराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में एमटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा एमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया। दोनों ही पाठ्यक्रमों में 18-18 सीट होंगी। संस्कृत विभाग में माइनर कोर्स के रूप में भारतीय संस्कृति एवं संस्कृत पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया।
छह समितियों का गठन किया
विवि छात्र कल्याण अधिष्ठाता द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में समस्त प्रकोष्ठों के संचालन के लिए छह समितियों का गठन किया गया। इनमें रिसर्च एंड इनोवेशन के लिए प्रो. बीरपाल सिंह, आईटी पॉलिशी के लिए प्रो. मुकेश शर्मा, एनवायरमेंटल पॉलिशी के लिए प्रो. अशोक कुमार चौबे, मोरल एंड एथेक्सि पॉलिशी के लिए प्रो. कुमार शर्मा, इनक्सूबेशन सेंटर के लिए प्रो. हरे कृष्णा और सेंटर फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रो. वाई सिंह को नामित किया गया है। गुणवत्तापरक शोध को प्रोत्साहन देने के लिए कुलपति द्वारा गठित समिति द्वारा शोध छात्रों को ढाई हजार रुपये के स्थान पर पांच हजार रुपये फेलोशिप देने का प्रस्ताव रखा गया। जिसको एकेडमिक काउंसिल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
औद्योगिक संस्थानों से एमओयू करेंगे
विवि परिसर व संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं इंडस्ट्री एक्सपोजर को ध्यान रखते हुए इंडस्ट्री एकेडमी इंटरफेस के अंतर्गत एनसीआर में संचालित प्रमुख औद्योगिक संस्थानों से एमओयू करने का निर्णय लिया गया। विवि अनुदान आयोग को मानव संसाधन विकास केंद्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. एसएस गौरव, प्रो दिनेश कुमार, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. मुकेश शर्मा, प्रो. स्नेहलता जायसवाल, प्रो. नीलू जैन गुप्ता, प्रो. अनिल मलिक, प्रो. बिन्दु शर्मा, प्रो. प्रशांत कुमार, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
आज कार्य परिषद की बैठक में आएंगे जम्मू-कश्मीर के चीफ जस्टिस
सीसीएसयू में शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे कार्य परिषद की बैठक बुलाई गई है। बैठक में कार्य परिषद के सदस्य जम्मू-कश्मीर के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति पंकज मित्थल शामिल होंगे।