सोशल ट्रेड से लेकर वेबवर्क जैसी कंपनी में पैसा लगाने वाले करीब 12 लाख फॉलोअर्स (क्लाइंट) जांच एजेंसियों के घेरे में हैं। सेंट्रल एक्साइज, आयकर विभाग, सेबी और ईडी जैसी तमाम एजेंसियां ऐसे बड़े निवेशकों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में हैं, जिन्होंने ऑनलाइन ठगी के कारोबार में मोटी रकम लगाई है। अभी तक की जांच में करीब 750 लोगों की लिस्ट तैयार की गई है, जो विभिन्न तरह के कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने अपनी पूरी काली कमाई ऑनलाइन महाठगी में लगाई।
जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार जिन लोगों की लिस्ट बनाई गई है, उनमें सोना कारोबारी से लेकर ईंट भट्ठा, डेरी संचालक, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक, बैंकों के कुछ अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ ही पुलिस विभाग के सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल हैं। तमाम लोग मान रहे हैं कि सोशल ट्रेड डॉट बिज के मालिक अनुभव मित्तल से कोई साक्ष्य एजेंसियों को नहीं मिला है बल्कि जल्द ही वो जेल से बाहर होगा। लेकिन मौके से जब्त किए गए सर्वर एवं फाइलों की जांच से सामने आ रहा है कि यह पूरा खेल अकेले अनुभव मित्तल का नहीं, बल्कि इसके पीछे ऐसे सैकड़ों लोग हैं, जिन्होंने उसकी मार्केटिंग करने का काम किया।
थोड़ा लगाया, ज्यादा कमाया
जांच एजेंसियों के अनुसार ऐसी मार्केटिंग करने वालों ने खुद तो अपना थोड़ा पैसा लगाया। लेकिन मुनाफा कहीं ज्यादा कमाया। पहली सूची में शामिल तमाम लोग हैं, जिनके पर्सनल बैंक खातों से कंपनी के खातों के बीच 10 करोड़ रुपये से ऊपर का ट्रांजैक्शन सितंबर 2016 से 10 दिसंबर 2016 के बीच हुआ है। एजेंसियां मान रही हैं कि ये आम आदमी नहीं हो सकते हैं, इसलिए इन तमाम लोगों की कुंडली खंगालने का काम शुरू किया गया तो पता चला कि बड़े कारोबारी हैं।
बाबूगढ़ से लेकर सिंभावली तक करोड़पति
अनुभव मित्तल के पिलखुआ (हापुड़) निवासी होने के बाद एजेंसियों ने वहां के बाकी लोगों की कुंडली खंगाली। जिसमें पता चला कि पिलखुआ ही नहीं, हापुड़ जिले का सबसे ज्यादा पैसा बाबूगढ़ और सिंभावली से लगा है। सूत्रों के मुताबिक अकेले बाबूगढ़ से करीब 11700 आईडी लगी, जिनमें से अधिकांश आईडी 1.15 लाख रुपये (प्रति आईडी) के हिसाब से लगाई गई। जिनके जरिये करीब 150 करोड़ रुपये सोशल ट्रेड में लगाए गए। अधिकांश आईडी होटल संचालित करने वाले मालिकों के माध्यम से लगाई गईं, जिनका नाम लिस्ट में शामिल है। साथ ही आसपास के गांवों के तीन प्रधानों के नाम भी लिस्ट में शामिल है। इसके बाद प्रॉपर्टी डीलर, डेरी संचालक और ईंट भट्ठा मालिक व कई आढ़ती भी हैं। एजेंसी जल्द ही इन तमाम लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ करेगी। पहली लिस्ट में 22 लोग हापुड़ जिले के हैं, जिनमें से 13 अकेले बाबूगढ़ से हैं। 4 लोग सिंभावली के हैं। बाकी जिले के अन्य जगहों से हैं। इससे पता चलता है कि बाबूगढ़ जैसी छोटी जगह पर करोड़पतियों की अच्छी खासी संख्या है।