पीएमपीआरवाई ने वेस्ट यूपी में बढ़ाई रोजगार की रफ्तार
दो साल में खुली 1202 नई निजी यूनिटें ,1.13 लाख लोगों को मिला रोजगार
मेरठ। प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरवाई) ने वेस्ट यूपी में रोजगार की रफ्तार बढ़ा दी है। आंकडे़ बता रहे हैं कि इस योजना के बाद वेस्ट के नौ जिलों में 1202 नई प्राइवेट यूनिटें खुली और इनमें 1.13 लाख युवाओं को रोजगार मिला। हालांकि रजिस्ट्रेशन के अभाव में केवल 43 हजार कर्मचारी ही इस योजना में रजिस्टर्ड होकर लाभ उठा रहे हैं।
क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय के अंतर्गत वेस्ट यूपी के बागपत, मेरठ, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर हापुड़, गाजियाबाद और बिजनौर कुल नौ जनपद आते हैं। इस योजना के लागू होने से पूर्व मार्च 2016 में उक्त जनपदों में कुल 3312 निजी संस्थान पीएफ विभाग में पंजीकृत थे। इनमें कुल 2 लाख 24 हजार 845 कर्मचारी कार्यरत थे, लेकिन इस योजना के लागू होने के बाद कई निजी संस्थान आगे आए और अपने यहां रोजगार के द्वार खोले । आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 16 से मार्च 18 तक वेस्ट के इन नौ जिलों में1202 नए संस्थान खुले और इनमें एक लाख 13 हजार 361 कर्मचारियों को नौकरी दी गयी।
रजिस्ट्रेशन के अभाव में लाभ से चूक रहे
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त सूरज शर्मा के अनुसार इस योजना का लाभ तभी संभव है जब नियोक्ता अपनी फर्म और नियुक्त किए गए कर्मचारी दोनों का पीएमआरपीवाई योजना में रजिस्ट्रेशन करा लें, लेकिन बहुत फर्म रजिस्ट्रेशन ना कराने की वजह से इसका लाभ नहीं उठा पा रही। ।
क्या है पीएमआरवाई योजना
अप्रैल 2016 से केंद्र सरकार ने निजी संस्थानों में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिलाने के उदेश्य से ये योजना शुरू की। इसमें संस्थान द्वारा कर्मचारी को दिए जाने वाले पीएफ अंशदान की 12 प्रतिशत धनराशि से 8.33 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा देनी शुरू की गई। अप्रैल 2018 से नियोक्ता के पीएफ अंशदान की पूरी 12 प्रतिशत धनराशि तीन साल तक केंद्र सरकार द्वारा ही वहन की जाएगी। ये सुविधा केवल इस योजना में रजिस्टर्ड कराने वाली संस्थाओं के अप्रैल 2016 के बाद नियुक्त नए कर्मचारियों के पीएफ पर है।