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Meerut: नौचंदी मेले के उद्घाटन में चाय न पानी, बना दिया 10 लाख का बिल, मेयर और पार्षद बोले- देना होगा हिसाब

Wed, 26 Mar 2025 12:38 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

नौचंदी मेले का रविवार को उद्घाटन मेयर के बिना ही कर दिया गया। अब उद्घाटन समारोह का मोटा बिल बना दिया है। जबकि पार्षदों का कहना है कि चाय-पानी और खाना कुछ नहीं था, फर्जी तरीके से बिल बना दिया गया।
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मेयर के बिना ही मेला नौचंदी का उद्घाटन। फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नौचंदी मेले के उद्धाटन में महापौर, भाजपा नेता, पार्षद, पुलिस-प्रशासन या फिर निगम अधिकारियों को खाना खिलाना तो छोड़िए, उनको चाय-पानी तक नहीं मिला। इसके बावजूद नगर निगम ने करीब 10 लाख का बिल बना लिया है। नौचंदी मेला प्रांतीय है, लेकिन खर्चा नगर निगम भरपूर कर रहा है। सड़क, सफाई व्यवस्था, पेयजल और मूलभूत सुविधा की जिम्मेदारी निगम की बनती है, लेकिन उद्धाटन कार्यक्रम में ही खाना, चाय-पानी, टेंट सहित कई अनगिनत खर्चों का बिल बनाकर लेखा विभाग में भेज दिया। इसका भुगतान होना अभी बाकी है। इस पर पार्षदों में नाराजगी है, उन्होंने विरोध जताते हुए जांच की मांग की है।
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महापौर हरिकांत अहलूवालिया के पहुंचने से पहले ही रविवार को नौचंदी मेले का उद्धाटन कर दिया गया था। नोडल बनी सीडीओ नुपूर गोयल को हटाकर नगर आयुक्त सौरभ गंगवार को जिम्मेदारी दी गई। इस प्रकरण में प्रशासन की लापरवाही साबित हुई और नगर निगम ने पल्ला झाड़ दिया। महापौर के अपमान का विरोध करने वाले भाजपा नेता और पार्षदों में अब अलग-अलग चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। 
 

मंगलवार को पार्षद तब हैरान हुए, जब नगर निगम ने नौचंदी के उद्धाटन में करीब 10 लाख रुपये खर्च होना बताकर बिल तैयार कर लिया। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार का मौखिक आदेश बताकर निगम के कर्मचारियों ने बिल पास कराने का प्रस्ताव लेखा विभाग में भेज दिया।
 

उद्धाटन में चार कबतूर उड़ाने बताए, जिनकी कीमत 2400 रुपये रखी गई। वहां पर मौजूद पुलिस-प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के लिए खाना, चाय-कॉफी, पानी, टेंट, सोफा, कुर्सी सहित अन्य सामान खरीदना बताया गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि खाना तो किसी ने देखा ही नहीं, उद्धाटन में चाय-पानी तक लोगों को नहीं मिली। सवाल उठता कि नगर निगम के कर्मचारियों ने किस आधार पर करीब दस लाख रुपये का बिल बना दिया। ये बिल पास होगा या नहीं, यह तो फाइल की संस्तुति के बाद ही पता लगेगा।
 

प्रांतीय मेला, निगम क्यों उठाए खर्च
नौचंदी मेला प्रांतीय घोषित होना बताया जा रहा है, जिसमें खर्च करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। इसके बावजूद नगर निगम से पैसा खर्च कराया जा रहा है। उसको लेकर पार्षदों ने भी नाराजगी जताई है। पार्षदों का कहना है कि 29 मार्च 2025 को नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक है। नौचंदी मेले में सड़क निर्माण सहित कई कार्य नगर निगम करा रहा है। सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है।

नजारत विभाग ने बनाए फर्जी बिल
नौचंदी मेले का उद्धाटन करने वालों को खाना मिला नहीं और चाय-पानी किसी ने पी नहीं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और महापौर का अपमान हुआ है, लेकिन नगर निगम ने फिर भी उद्धाटन में खर्चा बताकर बिल बनाया है। नजारत विभाग द्वारा बनाए जा रहे फर्जी बिल का विरोध करेंगे। नगर निगम को हानि नहीं होने देंगे।
- संजय सैनी, भाजपा पार्षद
 

अधिकारियों से लेना चाहिए खर्च
जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी ही नौचंदी मेले के उद्धाटन में थे। उनके खाने, चाय-पानी और अन्य सामान का खर्च भी अधिकारियों से ही लेना चाहिए। नगर निगम क्यों खर्च करेगा, इसको लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करेंगे। महापौर और वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने वाले निगम के पैसे से दावत खाएंगे, यह गलत है।
- दीपक वर्मा, भाजपा पार्षद

जांच होनी चाहिए
महापौर बोर्ड के अध्यक्ष और मेरठ के प्रथम नागरिक हैं। कार्यकारिणी बैठक में निगम अधिकारियों का विरोध करेंगे। मेले के उद्धाटन में जो फर्जी बिल बनाए जा रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। नौचंदी मेले का ऑडिट होना चाहिए।
- नाजरीन शाहिद अब्बासी, सपा के पार्षद
 

निगम को हिसाब देना होगा
नौचंदी मेले के उद्धाटन पर जनप्रतिनिधियों को बुलाया तक नहीं गया। महापौर का अपमान हुआ है, वहां पर खाना किसी ने खाया ही नहीं। इसका हिसाब नगर निगम को देना होगा। फर्जी बिल बनाने का विरोध करेंगे।
- विक्रांत ढाका, भाजपा पार्षद
 
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बिल का सत्यापन कराया जाएगा
नौचंदी मेले का उद्धाटन मेरे पहुंचने से पहले हो गया था। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी नहीं बुलाया गया। मैंने वहां पर चाय तक नहीं पी है। निगम ने उद्धाटन के कार्यक्रम पर लाखों का बिल बनाया है तो उसका सत्यापन कराया जाएगा। अब मेले की जिम्मेदारी नगर आयुक्त को मिली है।
- हरिकांत अहलूवालिया, महापौर


 
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