दूसरी तरफ मारपीट में घायल एडीओ आइएसबी गिरीश सिंह खंड विकास अधिकारी सुवेदिता सिंह के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां सीडीओ राम सिंह वर्मा को घटनाक्रम से अवगत कराया। साथ ही उनकी अनुमति से मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए घोसी रवाना हुए। बात करने पर गिरीश सिंह ने बताया कि जांच में जो मिला उन्होंने वहीं किया।
लेकिन प्रधान आलोक जयसवाल के भाई अविनाश उर्फ डिंपू जबरदस्ती अपात्रो का नाम पात्रता की सूची में डलवाना चाहते थे। जब उन्होंने इंकार किया तो खंड विकास अधिकारी के सामने उन्होंने उनकी पिटाई की। उनके साथ मौजूद गनर ने भी उनकी लात घुसों से पिटाई की।
इस संबंध में बात करने पर जिला पंचायत अध्यक्ष उर्मिला जायसवाल के प्रतिनिधि और ग्राम प्रधान आलोक जायसवाल ने बताया कि गिरीश सिंह ने आवास जांच के नाम पर भारी लूट मचा रखी है, जिसकी शिकायत मैंने पूर्व में सीडीओ से की थी। उनकी शिकायत पर उसका स्थानांतरण हो चुका है, इसके बाद भी वह बड़राव ब्लाक पर रुककर जांच के नाम पर धनउगाही कर रहा है। आलोक ने मारपीट करने की घटना को गलत बताया।
बोले सीडीओ जांच कराई जाएगी
घटना के जिला विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने कहा कि यदि गलत काम हो रहा था, तो इसकी शिकायत की जानी चाहिए, कर्मचारी की पिटाई कहां का न्याय और अधिकार क्षेत्र में आता है।