जिले के तीन प्रमुख मंदिरों नौसेमर के बारहदुअरिया, कोपागंज के प्राचीन शिवमंदिर और लैरो दोनवार में सावन के प्रथम सोमवार को कांवरियों और भक्तों ने शिवमंदिरों में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक किया।
गाजीपुर से गंगाजल लेकर बोल बम, हर हर महादेव का उद्घोष करते कांवरिए सड़क मार्ग से पैदल ही रविवार की शाम तक यहां डेरा डाल चुके थे। इस दौरान भक्तों ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इस दौरान मंदिरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
सोमवार को अपने अपने इच्छित शिवमंदिरों में जल चढ़ाने के लिए कांवरिये समूहों में गाजीपुर रवाना हो गए थे। रविवार की शाम को उनका लौटकर यहां पहुंचना प्रारंभ हो गया था। सजी धजी रंग बिरंगी कांवर पर जल लिए गेरुआ वस्त्रधारी कांवरिये बोल बम का उद्घोष करते हुए अपने अपने गंतव्य तक पहुंचे।
कावंरियों के रास्ते में भीड़ भाड़ वाले मार्गों को डायवर्ट कर दिया गया था। शिवभक्तों ने नौसेमर स्थित ऐतिहासिक बारहदुअरिया शिवमंदिर में शिव का जलाभिषेक किया।
व्रती महिलाओं ने भी शिवमंदिर में पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। परदहा संवाददाता के अनुसार जिला मुख्यालय सहित नसोपुर , आदेडीह , मठिया बाबा , रकौली सरवां और आस पास के छोटे बड़े शिवमंदिरों में भक्तों ने जल चढ़ाकर बाबा भोले से आशीर्वाद मांगा।
कोपागंज संवाददाता के अनुसार अति प्राचीन गौरीशंकर मंदिर में सुबह से ही शिवभक्तों का रेला लग गया जो अंतिम प्रहर तक जारी रहा। गाजीपुर से लाए गए पवित्र जल से शिवभक्तों ने बाबा को जल चढ़ाया। मंदिर की परक्रिमा की और पूजा अर्चना किया। ढेर सारे भक्तों ने मंदिर परिसर में कथा श्रवण किया और प्रसाद वितरित किया।
इंदारा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के लैरो दोनवार स्थित प्राचीन शिवमंदिर में सैकड़ों शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। रानीपुर संवाददाता के अनुसार अमारी पोखरा, धर्मसीपुर, फतेहपुर झिंगुर साव के पोखरे के शिवमंदिर, पलिया और काझा स्थित शिवमंदिरों पर सुबह से पुरुष और महिला शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया।
दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार हजारों शिवभक्तों ने उत्तर वाहिनी सरयू नदी में स्नान किया और पुण्य सलिला पतित पावनी सरयू का पवित्र जल कसबे के पंचमुखी शिवमंदिर, पतनई बुजुर्ग के पाताल शिवमंदिर, गोंठों के झारखंडी शिवमंदिर सहित आसपास के शिवमंदिरों में भगवान भोले को जल चढ़ाया। नदवासराय संवाददाता के अनुसार आस पास के शिवभक्तों ने देवलास के प्राचीन शिवमंदिर में शिव का जलाभिषेक किया।