मऊ। बिना पंजीकरण और बिना मानकों के चल रहे अस्पतालों में मौत का सिलसिला थमता हुआ नहीं दिख रहा है। शनिवार को जहां स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमों ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर रतनपुरा में बिना पंजीकरण वाले तीन अस्पतालों को सीज किया। वहीं देर शाम मोहम्मदाबाद गोहना में बिना पंजीकरण के अस्पताल में गर्भवती अंजू की मौत हो गई।
अगस्त महीने के 30 दिनों में बिना पंजीकरण वाले अस्पताल और नर्सिंग होम में चार महिलाओं की मौत के मामले को सपा सांसद राजीव राय ने भी गंभीर मुद्दा बताया है। सांसद ने प्रशासन से नगर सहित हर तहसील में मरीजों की जान से खिलवाड़ करन वाले बिना पंजीकरण वाले नर्सिंग होम और अस्पताल पर कार्रवाई की मांग की। उधर, बहादुरगंज रोड स्थित बिना पंजीकरण के संचालित अस्पताल ने अभियान चलते ही मिलीभगत से बकवल मोड़ के पास अपना अस्पताल शिफ्ट कर दिया है।
चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के कमरहवा निवासी दीपक मौर्या ने बताया कि पत्नी अंजू गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे मुहम्मदाबाद गोहना के मऊ मार्ग स्थित अस्पताल में शनिवार सुबह लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन को कहा, ऑपरेशन के बाद अंजू की हालत और बिगड़ने लगी। इस पर डॉक्टरों ने हाथ खड़ा कर दिया। बताया कि ऑपरेशन सफल नहीं रहा। इसके बाद परिजन अंजू को लेकर आजमगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। अंजू की शादी नवंबर 2024 को हुई थी। विवाह के एक साल बाद घर में नन्हें मेहमान के आगमन को लेकर दीपक और उसके परिजन बेहद खुश थे, लेकिन जिम्मेदारों की निगरानी न करने और मिलीभगत के चलते एक ओर बिना पंजीकरण के अस्पताल में महिला की मौत हो गई। उधर, यह जब बिना पंजीकरण वाले अस्पताल में अप्रशिक्षित डॉक्टर महिला की जान से खिलवाड़ कर रहे थे। उस समय मऊ के जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमों की ओर से रतनपुरा ब्लॉक में बिना पंजीकरण के संचालित तीन अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की जा रही थी।
कोट
मोहम्मदाबाद गोहना में महिला कीमौत का मामला संज्ञान में नहीं है, बिना पंजीकरण के संचालित अस्पतालों को लेकर अभियान शुरू किया गया है। कार्रवाई आगे भी चलेगी।
डॉ. आरएन सिंह, एसीएमओ, अस्पतालों की जांच के नोडल अधिकारी
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अभियान से पहले सूचना लीक, बिना पंजीकरण का संचालित अस्पताल दूसरी जगह शिफ्ट
नगर में गाजीपुर तिराहा से भीटी, भीटी से बहादुरगंज मार्ग पर बिना पंजीकरण के संचालित कई अस्पतालों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चला। जबकि बीते शुक्रवार को नगर के ब्रह्मस्थान पर एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने एक अस्पताल में तोड़फोड़ भी की। मौके पर खुद कोतवाल अनिल सिंह बल के साथ पहुंचे थे, बावजूद अस्पताल के अलावा दूसरे बिना पंजीकरण के अस्पताल पर कार्रवाई नहीं होना सवालिया निशान उठा रहा है। नगर क्षेत्र में दो किमी के दायरे में दो मौत के बाद उम्मीद थी कि शहर में भी स्वास्थ्य विभाग का अभियान चलेगा। लेकिन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने रतनपुरा में जहां हाल फिलहाल कोई घटना नहीं हुई है, वहां छापेमारी अभियान चलाया। वहीं बहादुरगंज मोड़ स्थित एक अस्पताल ने तो अपना लोकेशन ही बदल दिया। अस्पताल बकवल मोड़ के पास शिफ्ट कर दिया। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोग प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान उठाते रहे। वहीं विभागीय सूत्रों की मानें तो नगर के बिना पंजीयन के कई अस्पतालों के पीछे सफेदपोशों का हाथ भी है। इससे यहां घटना के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
सांसद ने डीएम को लिखा पत्र, निजी प्रैक्टिस पर कार्रवाई की मांग
सपा सांसद राजीव राय ने डीएम को पत्र लिखकर बिना पंजीकरण के अस्पताल के साथ सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस पर कार्रवाई की मांग की। सांसद ने लिखा है कि जिले में अवैध एवं बिना मान्यता के मनमाने ढंग से बहुतायत निजी अस्पतालों के संचालन के संबंध में तमाम जन शिकायतें मिल रही हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकारी सेवा में कार्यरत कुछ सरकारी चिकित्सकों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस करने की भी बहुतायत शिकायतें मिली हैं, जो अत्यंत गंभीर है। बताया कि दिशा की बैठक में यह मामला उठाए जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
30 दिन में चार महिलाओं की मौत
6 अगस्त : रामपुर थाना क्षेत्र के ढिलई फिरोजपुर में सुमन नाम की महिला की मौत हो गई थी। नाराज परिजनों ने डॉक्टर से मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया है।
21 अगस्त : बलिया मोड़ स्थित एक अस्पताल में भर्ती महिला मरीज सुमन की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। यह अस्पताल तो सीएमओ आवास से महज एक किमी दूरी पर बना हुआ था।
29 अगस्त : ब्रह्मस्थान स्थित एक अस्पताल में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए अस्पताल में तोडफोड़ कर दी थी।
30 अगस्त : मुहम्मदाबाद गोहना के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने से अंजू की कुछ देर के बाद मौत हो गई।
सांसद घोसी राजीव राय का ट्वीट।