शिवमंगली देवी शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में बृहस्पतिवार देर शाम तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि उनके भाई के नाम से संचालित कॉलेज में उप प्रबंधक रहने के दौरान भाई की पत्नी मृदुला मिश्रा ने यूनियन बैंक के कैशियर आशुतोष राय और सुशीला मिश्रा की मिलीभगत से कॉलेज के खाते से 36 लाख रुपये निकाल लिए।
आरोप है कि इसी पैसे से कंधेरी स्थित शिवमंगली देवी टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के लिए बीटीसी और डीएलएड की मान्यता ली गई, जबकि आज तक भवन का निर्माण नहीं हुआ है। संस्थान कागजों पर संचालित बताया गया है और छात्रों को डिग्री दी जा रही है। कॉलेज के नाम से दर्शाई गई जमीन भी किसी अन्य के नाम दर्ज बताई गई है।
प्राथमिकी के अनुसार, अजीत कुमार सिंह ने बताया कि शिवमंगली देवी टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, कंधेरी सहित कई कॉलेजों के प्रबंधक उनके छोटे भाई अमित कुमार सिंह थे।
कोविड के दौरान वर्ष 2021 में उनकी मृत्यु हो गई। संस्था के वित्तीय अधिकार घोसी कोतवाली क्षेत्र के सेमरी जमालपुर निवासी विद्यालय के एकाउंटेंट सादिक अली के पास थे। विद्यालय का खाता सहादतपुरा स्थित यूनियन बैंक में संचालित था।
भाई के निधन के बाद जब संस्था का बैंक खाता जांचा गया तो उसमें 36 लाख तीन हजार रुपये के गबन की जानकारी मिली। पूछताछ में सादिक अली ने बताया कि दिसंबर 2021 के अंतिम सप्ताह में शाम करीब छह बजे यूनियन बैंक के कैशियर, गाजीपुर जिले के शेरपुर निवासी आशुतोष राय ने फोन कर आजमगढ़ मोड़ पर बुलाया।
वहां मृदुला मिश्रा और तीन अज्ञात लोग भी मौजूद थे। आरोप है कि दबाव बनाकर चेकबुक ले ली और सादे चेक पर हस्ताक्षर करा लिए।
बैंक स्टेटमेंट के अनुसार 5 जनवरी 2022 को 20 लाख रुपये और 3 फरवरी 2022 को 16 लाख तीन हजार रुपये खाते से निकाल लिए गए। आरोप है कि इन पैसों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संस्थान की मान्यता ली गई।
यह भी आरोप है कि मान्यता के लिए जिस भूमि की लीज के कागजात लगाए गए, वे फर्जी हैं। संबंधित खसरा/गाटा नंबर पर जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। लीज पंजीकरण का दस्तावेज वर्ष 2016 में तैयार किया गया, जबकि उसे 31 दिसंबर 2014 को पंजीकृत दर्शाया गया है।
आरोप है कि जालसाजी कर वर्ष 2013 में बीटीसी-डीएलएड और वर्ष 2015 में बीएड की मान्यता प्राप्त की गई। बिना भवन निर्माण के संस्थान संचालित कर सरकारी धन का दुरुपयोग और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
इनसेट-
प्रबंधकीय कमेटी पर कब्जे के लिए पहले भी हुआ था विवाद, चली थी गोली
अजीत कुमार सिंह और उनके दिवंगत छोटे भाई अमित कुमार सिंह की पत्नी मृदुला मिश्रा के बीच शहर कोतवाली क्षेत्र के मौलाना अब्दुल कलाम आजाद विद्यालय, परदहां सहित कई संस्थानों की प्रबंधकीय कमेटी पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। 24 जून 2024 को इस मामले में मृदुला मिश्रा पक्ष से एमएलसी शिक्षक उमेश द्विवेदी संबंधित कॉलेज पहुंचे थे। दूसरे पक्ष से अजीत कुमार सिंह के अधिवक्ता व अन्य लोग मौजूद थे। इस दौरान गोली चलने की घटना हुई थी। एमएलसी का कहना था कि उनके एक सहयोगी से गलती से फायरिंग हो गई थी। घटना के समय विपक्ष का कोई व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था।
कोट-
अजीत कुमार सिंह ने भाई की पत्नी पर महाविद्यालय के बैंक खाते से 36 लाख रुपये के गबन और फर्जीवाड़ा कर मान्यता लेने का आरोप लगाया है। बैंक कैशियर सहित तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संजय सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक, सरायलखंसी