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Mukhtar Death: जेल में मुझे मारने का प्रयास किया जा रहा है... जब मुख्तार ने कोर्ट में दिया था प्रार्थना पत्र

Fri, 29 Mar 2024 12:03 AM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ

सार

Mukhtar Ansari Death: कोर्ट से जान-माल की सुरक्षा के लिए जेल अधीक्षक बांदा को आदेश दिए जाने का अनुरोध किया था। बताते चलें कि दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के जालसाजी कर असलहा लेने का मामला स्टेट बनाम इसराईल अंसारी आदि मे प्रार्थना पत्र दिया गया था।
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Mukhtar Ansari - फोटो : फाइल फोटो।
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विस्तार
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मुख्तार अंसारी की ओर से बीते गुरुवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए श्वेता चौधरी के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर जेल में भोजन में जहर देकर जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। साथ ही कोर्ट से जान-माल की सुरक्षा के लिए जेल अधीक्षक बांदा को आदेश दिए जाने का अनुरोध किया था। बताते चलें कि दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के जालसाजी कर असलहा लेने का मामला स्टेट बनाम इसराईल अंसारी आदि मे प्रार्थना पत्र दिया गया था। 

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बीते 20 मार्च, 2024 को जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग न्यायालय के समक्ष मुख्तार अंसारी ने कहा कि उसे 19 मार्च 24 की रात्रि को भोजन में जहर देकर जान से मारने की कोशिश जेल प्रशासन के माध्यम से की गई थी। इसके पूर्व में भी उसे बांदा जेल में ही दो बार जान से मारने का षड्यंत्र रचा जा चुका है। विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उसकी हत्या का षड्यंत्र उपराज्यपाल जंमू और कश्मीर मनोज सिन्हा, माफिया डॉन व भाजपा समर्थित एमएलसी बृजेश सिंह, भाजपा विधायक सुशील सिंह, पूर्व आईजी एसटीएफ अमिताभ यश एवं प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश द्वारा रचा गया है। तथा सरकार द्वारा उक्त पदासीन अधिकारियों को हत्या के बाद कानूनी कार्रवाई से बचाने का आश्वासन दिया गया है। 

शासन द्वारा एक साजिश के तहत जेल के भीतर अभियुक्त प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोली मार कर हत्या की जा चुकी है। भाजपा सरकार में जेल के ही अंदर एक षड्यंत्र के तहत कई लोगों की हत्या हो चुकी है। मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से प्राण की रक्षा के लिए उपरोक्त व्यक्तियों व जेल प्रशासन द्वारा की जा रही षड्यंत्रकारी योजनाओं को दृष्टिगत रखते हुए उक्त लोगों पर विधि कार्रवाई करने तथा अपनी प्राण की सुरक्षा के लिए आवश्यक आदेश/ निर्देश जेल प्रशासन जिला कारागार बांदा को दिए जाने का अनुरोध किया था। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद सीजेएम/ विशेष मजिस्ट्रेट एमपी, एमएलए श्वेता चौधरी ने जेल अधीक्षक बांदा से रिपोर्ट तलब किया था।

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