इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान बिजली गिरी जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के बाद परिवारीजन दोनों को अचेत हाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर मंडाव ले गए, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। शिवधर प्रसाद की पत्नी शांति देवी व तीन पुत्र शिवानंद, रवि, शिव शंकर एक पुत्री शशिलता तथा राजनाथ यादव की पत्नी राजकुमारी व दो पुत्र राजवंत, राहुल तथा एक पुत्री प्रीति का रो रो कर बुरा हाल था। दो लोगों की मौत से गांव में मातम पसर गया।
इधर, हलधरपुर थाना क्षेत्र के कोन्हिया गांव में सुबह बिजली गिरने से तीन भैंस की मौत हो गई। पशु पालक सुरेंद्र यादव की तीन भैंस चर रही थी। बिजली की चपेट में आने से तीनों भैंस झुलस कर तड़पने लगी। कुछ देर में ही तीनों भैंस की मौत हो गई। तीनों भैंस की कीमत लगभग ढाई लाख रुपए आंकी जा रही है। हादसे के बाद लेखपाल कृष्ण बहादुर ने मौके का मुआयना किया और शासन को अपनी रिपोर्ट भेजकर हर संभव आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया।
मऊ जिले में बृहस्पतिवार को कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई, जिससे गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरे खिल गए। मौसम सुहावना देख किसान खेती की तैयारी में जुट गए। तमाम किसान रोपनी के लिए खेतों में पहुंच गए। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। उमस से लोगों की तबीयत खराब होने लगी थी।
लोग इंद्रदेव से शीघ्र बारिश की मन्नत मांग रहे थे। बारिश नहीं होने से धान की रोपाई का कार्य धीमी गति से चल रहा था। जिन खेतों में धान की रोपाई हुई थी वहां सिंचाई के अभाव में फसल मुरझाने लगी थी। बृहस्पतिवार को उनकी मन्नत इंद्रदेव ने कुबूल कर ली। और अलसुबह आसामन में मेघों की आवाजाही तथा ठंडी हवाएं चलने लगी। आकाश मेें घने बादल छा गए, जिससे बारिश की उम्मीद बढ़ गई।
सुबह नौ बजे के लगभग आसमान में कारे-कजरारे बादलों ने डेरा जमा लिया और लगभग इसी समय झमाझम बारिश शुरू हो गई। दोपहर बाद तक हुई बारिश में तमाम किसान रोपाई कराने के लिए फावड़ा के साथ खेतों में पहुंच गए। बारिश के बाद नगर के निजामुद्दीनपुरा, चांदमारी, मुंशीपुरा, रघुनाथपुरा सहित निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को कुछ असुविधा का सामना जरूर करना पड़ा।