मऊ। केन्द्र सरकार की ओर से बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किए जाने को लेकर जिले में अलर्ट रहा। जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रही। वहीं मिश्रित इलाकों में पुलिस टीम ने पेट्रोलिंग कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया। जनपद में कालीन नगरी में वक्फ बोर्ड की 1405 संपत्तियां हैं। जिसमें 529 सरकारी जमीन पर हैं। जिसकी जांच रिपोर्ट प्रशासन द्वारा शासन को भेजा जा चुका है।
जिले में मस्जिद, ईदगाह, कब्रिस्तान, मजार, कर्बला, मदरसे आदि को वक्फ की संपत्ति मानी जाती है। संसदीय जेपीसी की मांग पर प्रदेश सरकार ने कुछ माह पूर्व वक्फ संपत्तियों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। उसी क्रम में जिला प्रशासन की तरफ से सदर, मधुबन, घोसी और मुहम्मदाबाद गोहना तहसीलों में वक्फ संपत्तियों का सर्वे कराया गया। इसमें 1405 वक्फ संपत्तियां मिलीं। इसमें 529 वक्फ संपत्ति सरकारी जमीन पर पाई गईं। जिसमें सदर तहसील, घोसी तहसील में सबसे अधिक संपत्ति शामिल हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकश सिंह ने बताया कि जिले में कुल1405 वक्फ संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। इसमें 529 संपति सरकारी जमीन पर पाई गईं। उच्चाधिकारियों के माध्यम से रिपोर्ट शासन को भेजी गई हैं।