घोसी ब्लाक के विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम सभा लार में राशन के दुकान की चयन के लिए खुली बैठक में मौजूद
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कोपागंज। स्थानीय थाना क्षेत्र और घोसी विकास खंड के अंतर्गत ग्राम सभा लारपुर में शनिवार को सस्ते गल्ले की दुकान का चयन खुली बैठक में ग्रामीणों की कम उपस्थिति के कारण के नहीं हो सका। जिलाधिकारी के आदेश पर खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार सिंह ने प्रधान और सचिव को शनिवार को खुली बैठक बुलाते हुए अनारक्षित राशन की दुकान को स्वयं सहायता समूह को प्रथम वरीयता देते हुए प्रस्ताव पारित कराकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
विगत 15 मई को कोपागंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा लारपुर की नवनिर्वाचित प्रधान ने चंदा देवी ने जिलाधिकारी अमित बंसल और मंडलायुक्त को पत्र के साथ फर्जी तरीके से बने राशन कार्ड की प्रति भेजकर लारपुर ग्राम सभा में कोटेदार पर राशन कार्ड बनवाने में बड़ी धांधली का आरोप लगाया था। उसने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर नाबालिग लड़के और लड़कियों को शादीशुदा दिखाकर 6, 6 यूनिट के राशन कार्ड बनवाकर बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से राशन का वितरण दिखाया जा रहा है। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी अमित बंसल ने नायब तहसीलदार राघव मणि त्रिपाठी और पूर्ति इंस्पेक्टर जय नारायण यादव की दो सदस्यीय टीम बनाते हुए जांच का निर्देश दिया। जांच में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी अमित बंसल ने दुकान को निरस्त कर दिया। इसके चार महीने बाद जिलाधिकारी के आदेश पर 23 अप्रैल दिन को खुली बैठक में प्रस्ताव पारित कर स्वयं सहायता समूह को प्रथम वरीयता देते हुए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। लेकिन खुली बैठक में ग्रामीणों की सीमित संख्या को देखते हुए प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।