पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर वाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद असलम खां, पहोडी उर्फ राजेश, उदयनरायन सिंह, तसलीम, इंद्रपाल, भोला, बगेदू यादव, रामबचन, श्रवण राम, परमहंस सिंह, विजय सिंह, महातम राम, कपिलदेव यादव, मुहम्मद शाहेनवाज, अनिल कुमार, प्रेम शंकर सिंह और रामकृपाल को दोषी पाया।
दोषी पाए जाने के बाद आरोपी मोहम्मद शाहनवाज के अनुपस्थित रहने के चलते उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया। बाकी 16 को परिवीक्षा पर 6-6 माह तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया गया। वहीं, रईस अहमद, जगन्नाथ, हरिनाम, जगदीश और श्याम नरायन की सुनवाई के दौरान मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।