फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: जिला अस्पताल में पांच साल से वेंटिलेटर का हो रहा ‘तबादला’

विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में कोरोनाकाल के दौरान अप्रैल 2020 में तीन वेंटिलेटर आए थे। इसमें से दो वेंटिलेटर पोर्टबल है। अस्पताल में पांच साल से वेंटिलेटर का सिर्फ स्थान बदला जा रहा है।
विज्ञापन

कभी आइसोलेशन वार्ड तो कभी ऑपरेशन थियेटर में रखा जा रहा है। अब उसे सेफ हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है। अभी तक अस्पताल में वेंटिलेटर चलाने के लिए ऑपरेटर टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हुई।
जिला अस्पताल में एक साल से कोई भी जनप्रतिनिधि और वीआईपी इलाज कराने नहीं पहुंचा। इसके बावजूद ओटी के बगल में बने सेफ हाऊस में हर सुविधा उपलब्ध है।
इसमें आम लोगों के लिए आए दो वेंटिलेटर भी रखे गए हैं। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रोज दो गंभीर मरीज आते हैं। उन्हें वेंटिलेटर की सुविधा देने के बजाय बीएचयू रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन

शासन की ओर से कोरोना की पहली लहर के दौरान अप्रैल 2020 में जिला अस्पताल में तीन वेंटिलेटर भेजे गए थे। इसमें से दो वेंटिलेटर पोर्टबल थे। तीनों वेंटिलेटर की करीब 24 लाख है। अस्पताल में तब से वेंटिलेटर इधर से उधर हो रहे हैं। 2023 तक वेंटिलेटर आइसोलेशन वार्ड में पड़े रहे।
एक साल पहले वीआईपी ट्रीटमेंट के नाम पर सेफ हाउस में रख दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में वीआईपी मरीज के आने पर ऑपरेटर की मांग सीएमओ कार्यालय से की जाएगी। गौरतलब हो कि वेंटिलेटर आने से पहले जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की ट्रेनिंग दी गई थी।
इसके बावजूद आज तक वेंटिलेटर चलाने की कोशिश किसी ने नहीं की। अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों को ऑपरेटर का इंतजार है। दूसरी ओर अस्पताल परिसर में बने पीड्रियाटिक इन्सेंटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में वेंटिलेटर सुविधा है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें