उत्तर प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव पांच माह बाद होने हैं।लेकिन सियासी पारा चढ़ चुका है। ऐसे में बसपा मुखिया मायावती द्वारा मुख्तार अंसारी की जगह मऊ सदर विधानसभा से बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को अपना प्रत्याशी बनाए जाने के बाद मुख्तार पर एआईएमआईएम ने डोरे डालना शुरु कर दिया है।
जेल में बंद मुख्तार अंसारी 1996 से लगातार मऊ सदर विधानसभा से 2002,2007,2012, 2017 में जीत कर विधानसभा पहुंच चुका है। इसमें दो बार बसपा के टिकट पर और तीन बार निर्दल चुनाव जीता है। ऐसे में अब बसपा से टिकट न मिलने के बाद एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मुख्तार को खुला निमंत्रण देते हुए कहा है कि मुख्तार अंसारी जिस विधानसभा से चाहें टिकट लेकर चुनाव लड़ सकते हैं।
ऐसे में सियासी जानकारों की मानें तो एआईएमआईएम कहीं न कहीं मुख्तार अंसारी के बहाने पूर्वांचल में दस्तक देने की कोशिश में है। बता दें मुख्तार अंसारी के बड़े भाई पूर्व विधायक शिगबतुल्ला अंसारी सपा में शामिल हो गए हैं। जबकि एक और बड़े भाई अफजाल अंसारी अभी बसपा के टिकट पर जीत कर सांसद हैं।