मऊ। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की 18 सितंबर से होने वाली परीक्षा को लेकर जिले में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें एक जिला मुख्यालय तथा तीन परीक्षा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित किए गए हैं। दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा में आवेदन करने वाले हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 611 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसका प्रस्ताव तैयार कर माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेज दिया गया है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में शासन ने संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी बोर्डों की हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड परीक्षा स्थगित कर दी थी। परीक्षा स्थगित करने के बाद अर्धवार्षिक व प्री-बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को उत्तीर्ण करते हुए परीक्षा परिणाम 30 जुलाई को घोषित किया गया था। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद मेधावियों में प्राप्त अंक को लेकर असंतोष फैल गया।
मेधावियों की असंतुष्टि को देखते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज ने अंक सुधार परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाते हुए आवेदन मांगा था। 273 विद्यालयों के 611 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। जिसमें 206 विद्यालयों के हाईस्कूल में 290 जिसमें 161बालक, 129 बालिका शामिल होंगी। जबकि 68 विद्यालयों के 167 बालक, 154 बालिकाएं सहित 321 इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी शामिल हैं। बोर्ड ने परीक्षा के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है।
परीक्षा 18 सितंबर से नौ अक्तूबर तक होगी। विभाग की तरफ से परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए नगर स्थित डीएवी इंटर कालेज, पब्लिक बालिका इंटर कालेज, बरामदपुर, जैश इंटर कॉलेज वनगांवा, शहीद इंटर कालेज मधुबन सहित जिले में चार परीक्षा केंद्र निर्धारित किया गया है। सभी केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में आयोजित होगी। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि यूपी बोर्ड अंक सुधार परीक्षा के लिए चार परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किया गया है। परीक्षा को हर हाल में नकलविहीन संपन्न कराया जाएगा।